एक दशक से जर्जर पड़े अहरौला-कप्तानगंज मार्ग के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीण सड़क पर उतर गए। समाजसेवी लक्ष्मी चौबे के नेतृत्व में लंगडगंज बाजार में सड़क के गड्ढों में खड़े होकर लोक निर्माण विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे भी लगाए गए। ग्रामीणों ने कहा कि करीब 21 किमी लंबा अहरौला-कप्तानगंज मार्ग वर्षों से जर्जर है। सड़क पर बड़े-बड़े जानलेवा गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में पानी भरने के बाद पता ही नहीं चलता कि कहां सड़क है और कहां गड्ढा। आए दिन सड़क पर गिरकर लोग चोटिल हो रहे हैं। जर्जर सड़क पूरी तरह से जानलेवा बन गई है। सड़क को गड्ढा मुक्त करने को लेकर कई बार क्षेत्र के लोगों ने धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल, आमरण अनशन किया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी वहां पहुंचे, आश्वासन देकर चलते बने। क्षेत्र की सांसद संगीता आजाद, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह, सड़क निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र भेज चुके हैं। फिर भी विभाग के अधिकारियों ने सुधि नहीं ली। जबकि लोक निर्माण विभाग 56.52 करोड़ रुपए का शासन को प्रस्ताव भेजने की बात कह रहा है। प्रदर्शन करने वालों में अरविंद गुप्ता, भीमसेन गुप्ता, कमलेश पांडेय, चंद्र विजय यादव, मिथिलेश, रामभरत, दिलीप सेठ, धन्नू राजभर आदि शामिल रहे। उधर, क्षेत्रीय विधायक डॉ. संग्राम सिंह यादव ने बताया कि मार्ग चलने योग्य नहीं है। इसके निर्माण के लिए वह स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रमुख सचिव से मिलकर पत्र दे चुके हैं। इसके अलावा फैजाबाद के भाजपा सांसद लल्लू सिंह ने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। लेकिन सड़क निर्माण के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।