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दो दिन के लिए बांधा और छह माह बाद भी नहीं ले गये

Sun, 15 Sep 2019 11:09 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 15 Sep 2019 11:09 PM IST
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Deer fastened for two days but forest dept didn't carry even after six months
अहरौला। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के नरफोरा गांव में छह माह पूर्व वन विभाग की टीम ने एक हिरन को पकड़ा था। जिसे टीम के लोगों ने अहरौला थाना क्षेत्र के बासथान गांव निवासी एक व्यक्ति के यहां बांध दिया और पुन: आकर ले जाने की बात कहे। छह माह का लंबा समय बीत गया है लेकिन अब तक विभाग के लोग उसे लेने के लिए नही आये। जिसके घर पर हिरन को बांधा गया है वह परेशान हाल है।
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छह माह पूर्व नरफोरा गांव में एक हिरन के बच्चे को कुत्ते घेरे हुए थे और उस पर हमला कर रहे थे। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कुत्तो के झुंड से हिरन के बच्चे को बचा लिया। इसके बाद उसे साथ ले जाने के बजाय वन विभाग के लोगों ने अहरौला के बासथान गांव निवासी मंतलाल के घर उस हिरन को यह कहते हुए बांध गये कि दो दिन बाद आकर ले जायेगे। जब से अब तक छह माह का समय बीत चुका है लेकिन वन विभाग के लोग न तो उसे लेने के लिए ही आये न ही उसका हाल ही लिया। मंतलाल की पत्नी सुनीता ने बताया कि हिरन के इस बच्चे को खिलाने-पीलाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। यह घायलावस्था में यहां लाकर वन विभाग की टीम द्वारा बांधा गया था। हजारों रुपये की दवा से इसका इलाज भी कराना पड़ा। हिरन सरकारी अमानत है फिर भी वन विभाग के लोग से नहीं ले जा रहे है। जब भी विभाग के लोगों को फोन किया जाता है तो सिर्फ यहीं कहा जाता है कि आकर ले जायेंगे।
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