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Azamgarh News: डीहा प्रधान की हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी की मौत
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मृतक जैनू की फाइल फोटो। संवाद
जहानागंज थाना क्षेत्र के डीहा गांव के प्रधान राकेश सिंह उर्फ पप्पू सिंह की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 65 वर्षीय कैदी जैनू यादव की जौनपुर जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
सोमवार शाम तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देर रात करीब 12 बजे उसने दम तोड़ दिया। पिता की मौत की सूचना मिलते ही दिल्ली में रह रहा उसका बेटा भानू यादव घर के लिए रवाना हो गया।
रानी की सराय थाना क्षेत्र के चकवारा गांव निवासी भानू की पत्नी प्रियंका के अनुसार, 25 अप्रैल 2008 को न्याय पंचायत डीहा के प्रधान राकेश सिंह उर्फ पप्पू सिंह की हत्या कर दी गई थी।
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मामले में प्रधान के परिजनों की तहरीर पर जहानागंज थाने में चार नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें जैनू यादव का नाम भी शामिल था। परिजनों का दावा है कि जैनू का हत्या में कोई हाथ नहीं था और उसे मामले में गलत तरीके से फंसाया गया था।
हत्या के कुछ दिन बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वर्ष 2008 से वह जेल में सजा काट रहा था। वर्ष 2015 में आजमगढ़ जिला एवं सत्र न्यायालय ने हत्या के मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद वर्ष 2017 में उसे जौनपुर जिला कारागार स्थानांतरित कर दिया गया था।
प्रियंका ने बताया कि सोमवार रात करीब 11 बजे जेल प्रशासन की ओर से उनके पति भानू को फोन कर जैनू की तबीयत खराब होने की जानकारी दी गई। बताया गया कि उसे उपचार के लिए जौनपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
करीब एक घंटे बाद भानू ने दोबारा फोन कर पिता की मौत की सूचना दी। इसके बाद वह दिल्ली से घर के लिए रवाना हो गया। कैदी की मौत के बाद कारागार प्रशासन ने शव को अस्पताल के शवगृह में रखवाकर परिजनों को सूचना दी।
मंगलवार सुबह जैनू के रिश्तेदार और गांव के लोग जौनपुर जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी।
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सोमवार शाम तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देर रात करीब 12 बजे उसने दम तोड़ दिया। पिता की मौत की सूचना मिलते ही दिल्ली में रह रहा उसका बेटा भानू यादव घर के लिए रवाना हो गया।
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रानी की सराय थाना क्षेत्र के चकवारा गांव निवासी भानू की पत्नी प्रियंका के अनुसार, 25 अप्रैल 2008 को न्याय पंचायत डीहा के प्रधान राकेश सिंह उर्फ पप्पू सिंह की हत्या कर दी गई थी।
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मामले में प्रधान के परिजनों की तहरीर पर जहानागंज थाने में चार नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें जैनू यादव का नाम भी शामिल था। परिजनों का दावा है कि जैनू का हत्या में कोई हाथ नहीं था और उसे मामले में गलत तरीके से फंसाया गया था।
हत्या के कुछ दिन बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वर्ष 2008 से वह जेल में सजा काट रहा था। वर्ष 2015 में आजमगढ़ जिला एवं सत्र न्यायालय ने हत्या के मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद वर्ष 2017 में उसे जौनपुर जिला कारागार स्थानांतरित कर दिया गया था।
प्रियंका ने बताया कि सोमवार रात करीब 11 बजे जेल प्रशासन की ओर से उनके पति भानू को फोन कर जैनू की तबीयत खराब होने की जानकारी दी गई। बताया गया कि उसे उपचार के लिए जौनपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
करीब एक घंटे बाद भानू ने दोबारा फोन कर पिता की मौत की सूचना दी। इसके बाद वह दिल्ली से घर के लिए रवाना हो गया। कैदी की मौत के बाद कारागार प्रशासन ने शव को अस्पताल के शवगृह में रखवाकर परिजनों को सूचना दी।
मंगलवार सुबह जैनू के रिश्तेदार और गांव के लोग जौनपुर जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी।

मृतक जैनू की फाइल फोटो। संवाद