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गुपचुप तरीके से हो गया चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ
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दि किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव में छठवें पेराई सत्र का बृहस्पतिवार को गुपचुप तरीके से किसान प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में शुभारंभ किया गया। विधि विधान से हवन-पूजन के साथ पंडित के मंत्रोच्चार के बीच ब्यालर पूजन संपन्न हो गया।
हर वर्ष चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ बड़े धूमधाम से किया जाता था। डीएम भी इसके शुभारंभ में शामिल होते थे। उनके हाथों से ही पूजन ब्वायलर आदि का पूजन कराया जाता था। लेकिन सठियांव मिल का इसबार ब्यालर पूजन क्यों गुप्त रखा गया यह समझ से परे है। इस बात को लेकर किसान प्रतिनिधि भी हैरान हैं। पूर्व उपसभापति वर्तमान डायरेक्टर आनंद उपाध्याय कहते हैं कि मिल इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है। डायरेक्टर रामअवध यादव, वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले सत्र से मिल चलाने के लिए या मिल बजट पर आज तक कोई बैठक नहीं हुई। भगवान जाने इनका बजट कैसे पास होता है। हालांकि पहले से तैनात चीफ इंजीनियर माया राम यादव, मुख्य गन्ना अधिकारी डा. विनय प्रताप सिंह ने कहा कि ब्यालर पूजन किसी मिल का महत्वपूर्ण कार्यक्रम नहीं होता है। मुख्य गन्ना अधिकारी के अनुसार अधिकांश गन्ना ढुलाई के टेंडर फाइनल हो चुके हैं। नियमत: टेंडर फाइनल होने से पहले प्रचार प्रसार से लेकर मिल समिति को जानकारी देना अनिवार्य है। बहरहाल सीसीओ के अनुसार मिल पर गन्ना किसानों का 24 करोड़ 45 लाख बकाया है। मिल चलने से पहले भुगतान कर दिया जाएगा। यह अलग बात है कि मिल की कार्य प्रणाली से खफा किसानों ने इस बार गन्ने की बुआई कम की है।
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हर वर्ष चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ बड़े धूमधाम से किया जाता था। डीएम भी इसके शुभारंभ में शामिल होते थे। उनके हाथों से ही पूजन ब्वायलर आदि का पूजन कराया जाता था। लेकिन सठियांव मिल का इसबार ब्यालर पूजन क्यों गुप्त रखा गया यह समझ से परे है। इस बात को लेकर किसान प्रतिनिधि भी हैरान हैं। पूर्व उपसभापति वर्तमान डायरेक्टर आनंद उपाध्याय कहते हैं कि मिल इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है। डायरेक्टर रामअवध यादव, वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले सत्र से मिल चलाने के लिए या मिल बजट पर आज तक कोई बैठक नहीं हुई। भगवान जाने इनका बजट कैसे पास होता है। हालांकि पहले से तैनात चीफ इंजीनियर माया राम यादव, मुख्य गन्ना अधिकारी डा. विनय प्रताप सिंह ने कहा कि ब्यालर पूजन किसी मिल का महत्वपूर्ण कार्यक्रम नहीं होता है। मुख्य गन्ना अधिकारी के अनुसार अधिकांश गन्ना ढुलाई के टेंडर फाइनल हो चुके हैं। नियमत: टेंडर फाइनल होने से पहले प्रचार प्रसार से लेकर मिल समिति को जानकारी देना अनिवार्य है। बहरहाल सीसीओ के अनुसार मिल पर गन्ना किसानों का 24 करोड़ 45 लाख बकाया है। मिल चलने से पहले भुगतान कर दिया जाएगा। यह अलग बात है कि मिल की कार्य प्रणाली से खफा किसानों ने इस बार गन्ने की बुआई कम की है।
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