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कोरोना में प्रयुक्त होने वाली दवाओं का करोड़ों का स्टाक डंप
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आजमगढ़। कोरोना कर्फ्यू के चलते संक्रमण के मामलों में तेजी से गिरावट आने के बाद कोविड के इलाज से जुड़ी दवाओं, उपकरणों का करोड़ों रुपये का स्टाक गोदामों और दुकानों में डंप पड़ा हुआ है। जिन दवाओं, इंजेक्शनों की एक्सपायरी नजदीक है, उनसे तो कुछ नुकसान केमिस्टों को हो सकता है। मगर कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर जिले में पर्याप्त मात्रा में स्टाक उपलब्ध है।
कोरोना की दूसरी लहर ने जनपद में जबरदस्त तबाही मचाई। एक समय ऐसा भी आया, जब जनपद में कुछ दवाओं की किल्लत होने लगी थी। पल्स आक्सीमीटर, थर्मामीटर, आक्सीजन सिलेंडर समेत काफी उपकरण बाजार से गायब हो गए थे। इसके बाद इनके दामों में भी काफी उछाल आ गया। एक समय जनपद में एक दिन में 600 से अधिक मरीज सामने आए थे, जो अब घटकर 50 के अंदर रह गए हैं। ऐसे में अस्पतालों और मेडिकल स्टोरों से भीड़ छंट गई है। इस कारण कोविड किट से जुड़ी दवाइयां व उपकरणों की बिक्री में भी 90 फीसदी तक की गिरावट आ गई है। दवा विक्रेताओं के मुताबिक सबसे ज्यादा 12 करोड़ रुपये के मास्क जनपद में उपलब्ध हैं। इसके अलावा सैनिटाइजर, आक्सीजन कंसंट्रेटर, सैनिटाइजर, वेपोराइजर, फेस शील्ड भी भारी मात्रा में उपलब्ध हैं। कुल मिलाकर अभी लगभग 25 करोड़ रुपये का माल दुकानों और गोदामों में पड़ा हुआ है। हालांकि, दुकानदारों को उम्मीद है कि कोरोना की तीसरी लहर में यह सामान काफी मददगार साबित होगा। लेकिन इनमें से कुछ दवाओं की एक्सपायरी डेट नजदीक है। जिसके कारण व्यापारी पेशोपेश में हैं कि उन्हें वापस करें या अभी रोकें।
जनपद में रेमडेसिविर के 700 से 800 वायल
आजमगढ़। एक समय था जब रेमडेसिविर को लेकर मारामारी मची हुई थी। लोग महंगे दामों पर इनकी खरीद कर रहे थे। आज जनपद में 700 से 800 वायल रेमडेसिविर दुकानों पर पड़ा हुआ है लेकिन इसके खरीदार नहीं हैं। फेवीफ्लू को लेकर भी मारामारी चल रही थी। लेकिन वर्तमान में इसकी खरीद करने वाले भी बाजार से गायब हैं। ऐसे में दुकानदारों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। लेकिन उनके द्वारा तीसरी लहर के आने की जो बात कही जा रही है उसका इंतजार कर रहे हैं।
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कोरोना का संक्रमण कम होने के बाद दवाइयों व उपकरणों की बिक्री में काफी कमी आ गई है। लोगों के दुकानों, गोदामों में माल डंफ पड़ा है।तीसरी लहर की भी आशंका जताई जा रही है, उस हिसाब से जिले में पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। यदि तीसरी लहर आई तो किसी प्रकार की कमी नहीं होगी। लेकिन जिन दवाओं की एक्सपायरी डेट नजदीक है उसे लेकर व्यापारी चिंतित हैं। क्योंकि यह दवाएं मंहगी हैं और इनके एक्सपायर होने पर काफी नुकसान होगा।
रंजन राय, जिला महामंत्री केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन।
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कोरोना की दूसरी लहर ने जनपद में जबरदस्त तबाही मचाई। एक समय ऐसा भी आया, जब जनपद में कुछ दवाओं की किल्लत होने लगी थी। पल्स आक्सीमीटर, थर्मामीटर, आक्सीजन सिलेंडर समेत काफी उपकरण बाजार से गायब हो गए थे। इसके बाद इनके दामों में भी काफी उछाल आ गया। एक समय जनपद में एक दिन में 600 से अधिक मरीज सामने आए थे, जो अब घटकर 50 के अंदर रह गए हैं। ऐसे में अस्पतालों और मेडिकल स्टोरों से भीड़ छंट गई है। इस कारण कोविड किट से जुड़ी दवाइयां व उपकरणों की बिक्री में भी 90 फीसदी तक की गिरावट आ गई है। दवा विक्रेताओं के मुताबिक सबसे ज्यादा 12 करोड़ रुपये के मास्क जनपद में उपलब्ध हैं। इसके अलावा सैनिटाइजर, आक्सीजन कंसंट्रेटर, सैनिटाइजर, वेपोराइजर, फेस शील्ड भी भारी मात्रा में उपलब्ध हैं। कुल मिलाकर अभी लगभग 25 करोड़ रुपये का माल दुकानों और गोदामों में पड़ा हुआ है। हालांकि, दुकानदारों को उम्मीद है कि कोरोना की तीसरी लहर में यह सामान काफी मददगार साबित होगा। लेकिन इनमें से कुछ दवाओं की एक्सपायरी डेट नजदीक है। जिसके कारण व्यापारी पेशोपेश में हैं कि उन्हें वापस करें या अभी रोकें।
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जनपद में रेमडेसिविर के 700 से 800 वायल
आजमगढ़। एक समय था जब रेमडेसिविर को लेकर मारामारी मची हुई थी। लोग महंगे दामों पर इनकी खरीद कर रहे थे। आज जनपद में 700 से 800 वायल रेमडेसिविर दुकानों पर पड़ा हुआ है लेकिन इसके खरीदार नहीं हैं। फेवीफ्लू को लेकर भी मारामारी चल रही थी। लेकिन वर्तमान में इसकी खरीद करने वाले भी बाजार से गायब हैं। ऐसे में दुकानदारों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। लेकिन उनके द्वारा तीसरी लहर के आने की जो बात कही जा रही है उसका इंतजार कर रहे हैं।
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कोरोना का संक्रमण कम होने के बाद दवाइयों व उपकरणों की बिक्री में काफी कमी आ गई है। लोगों के दुकानों, गोदामों में माल डंफ पड़ा है।तीसरी लहर की भी आशंका जताई जा रही है, उस हिसाब से जिले में पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। यदि तीसरी लहर आई तो किसी प्रकार की कमी नहीं होगी। लेकिन जिन दवाओं की एक्सपायरी डेट नजदीक है उसे लेकर व्यापारी चिंतित हैं। क्योंकि यह दवाएं मंहगी हैं और इनके एक्सपायर होने पर काफी नुकसान होगा।
रंजन राय, जिला महामंत्री केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन।