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प्रभारी निरीक्षक सहित दो निलंबित
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Fri, 31 Mar 2017 12:20 AM IST
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यूपी पुलिस
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पिकअप पर लदी दो भैंस छोडने के बदले में 40500 रुपये रिश्वत लेने के आरोप में कंधरापुर थाने के सिपाही विष्णुकांत द्विवेदी और अधीनस्थों पर नियंत्रण न रखने के आरोप में प्रभारी निरीक्षक फरीद अहमद को पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी ने गुरुवार को निलंबित कर दिया। हालांकि फरीद अहमद की जगह अभी तक किसी की तैनाती नहीं हो सकी है। इस प्रकरण के सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों को निष्ठा और ईमानदारी के साथ काम करने की चेतावनी दी।
बता दें कि मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना थाना क्षेत्र के तुलसीपुर कुढ़वा गांव निवासी विश्राम यादव को ट्रैक्टर खरीदना था। इसलिए वह छह भैंस बेचने के लिए उन्हें फैजाबाद जिले में आयोजित पशु मेला में लेकर गए। वहां चार भैंस बिक गई जबकि दो भैंस नहीं बिकी। अपनी दोनों भैंस पिकअप पर लादकर विश्राम यादव घर लौट रहे थे।
27 मार्च की रात करीब दो बजे कंधरापुर थाना क्षेत्र के मंदुरी हवाई पट्टी के पास कंधरापुर थाने की पुलिस ने चेक करने के लिए पिकअप रोका और भैंस सहित गाड़ी लेकर थाने चली गई। विश्राम ने सही बात बताई लेकिन सिपाही विष्णुकांत द्विवेदी को उसकी बातों पर यकीन नहीं और उसने 40500 रुपये लेकर गाड़ी छोड़ दी। 28 मार्च की शाम विश्राम यादव ने इसकी शिकायत एसपी आनंद कुलकर्णी से की।
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उन्होंने प्रशिक्षु आईपीएस सतपाल को जांच सौंपी। 29 मार्च को सतपाल पीड़ित विश्राम यादव के साथ उसका दोस्त बनकर कंधरापुर थाने पहुंचे सिपाही से बातचीत की। रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। एएसपी सतपाल की रिपोर्ट पर एसपी आनंद कुलकर्णी ने सिपाही विष्णुकांत द्विवेदी को रिश्वत लेने और प्रभारी निरीक्षक फरीद अहमद को कर्मचारियों पर नियंत्रण न कर पाने के आरोप में निलंबित कर दिया।
एसपी ने सभी सीओ, कोतवाल, थानाध्यक्ष और सिपाहियों से किसी भी काम के बदले में रिश्वत न लेने की चेतावनी दी है। सभी से अपील की कि यदि कोई पुलिसकर्मी रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत करें। मामले की जांच कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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बता दें कि मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना थाना क्षेत्र के तुलसीपुर कुढ़वा गांव निवासी विश्राम यादव को ट्रैक्टर खरीदना था। इसलिए वह छह भैंस बेचने के लिए उन्हें फैजाबाद जिले में आयोजित पशु मेला में लेकर गए। वहां चार भैंस बिक गई जबकि दो भैंस नहीं बिकी। अपनी दोनों भैंस पिकअप पर लादकर विश्राम यादव घर लौट रहे थे।
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27 मार्च की रात करीब दो बजे कंधरापुर थाना क्षेत्र के मंदुरी हवाई पट्टी के पास कंधरापुर थाने की पुलिस ने चेक करने के लिए पिकअप रोका और भैंस सहित गाड़ी लेकर थाने चली गई। विश्राम ने सही बात बताई लेकिन सिपाही विष्णुकांत द्विवेदी को उसकी बातों पर यकीन नहीं और उसने 40500 रुपये लेकर गाड़ी छोड़ दी। 28 मार्च की शाम विश्राम यादव ने इसकी शिकायत एसपी आनंद कुलकर्णी से की।
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उन्होंने प्रशिक्षु आईपीएस सतपाल को जांच सौंपी। 29 मार्च को सतपाल पीड़ित विश्राम यादव के साथ उसका दोस्त बनकर कंधरापुर थाने पहुंचे सिपाही से बातचीत की। रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। एएसपी सतपाल की रिपोर्ट पर एसपी आनंद कुलकर्णी ने सिपाही विष्णुकांत द्विवेदी को रिश्वत लेने और प्रभारी निरीक्षक फरीद अहमद को कर्मचारियों पर नियंत्रण न कर पाने के आरोप में निलंबित कर दिया।
एसपी ने सभी सीओ, कोतवाल, थानाध्यक्ष और सिपाहियों से किसी भी काम के बदले में रिश्वत न लेने की चेतावनी दी है। सभी से अपील की कि यदि कोई पुलिसकर्मी रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत करें। मामले की जांच कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।