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गांववालों ने बदमाश समझकर दरोगा और सिपाही को घेरा

Wed, 03 Aug 2016 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ Updated Wed, 03 Aug 2016 11:58 PM IST
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 The villagers considered punk circle inspector and constable
पुलिस
धोखाधड़ी के मामले की जांच करने पहुंचे दीदारगंज थाने के दरोगा और सिपाही को बुधवार की दोपहर अहरौला थाना क्षेत्र के माहुल बाजार में लोगों ने घेर लिया। इन दोनों को पकड़कर माहुल पुलिस चौकी ले गए। जहां पुलिसकर्मियों की पहचान करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। 
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दीदारगंज थाना क्षेत्र के गाड़ोपुर गांव निवासी आलोक सिंह एक वर्ष पूर्व जमीन बैनामा लेने के लिए अहरौला थाना क्षेत्र के माहुल गांव निवासी रामसकल मौर्य और रामबचन को 14 लाख रुपये दिए थे। यह दोनों आलोक से रकम लेने के बाद भी जमीन का बैनामा किसी दूसरे को कर दिए। इस पर आलोक सिंह अपनी रकम इन दोनों भाइयों से मांग रहे हैं। 10 अप्रैल को दोनों भाइयों ने आलोक को 14 लाख रुपये का चेक दिया। लेकिन वह बाउंस हो गया।
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16 जुलाई को आलोक ने दीदारगंज थाने में दोनों भाईयों के विरुद्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बुधवार को मामले की जांच कर रहे दीदारगंज थाने के एसआई धीरेंद्र बहादुर सिंह एक सिपाही के साथ पूछताछ करने के लिए माहुल गांव पहुंच गए। दरोगा वर्दी में थे जबकि सिपाही सादे में था। यह दोनों लोग रामसकल को कार में बैठाकर कहीं ले जाने लगे। लोग बदमाश समझकर पुलिसकर्मियों की गाड़ी घेर लिया।
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दरोगा के आग्रह पर लोग उन्हें माहुल पुलिस चौकी पर लेकर पहुंचे। जहां उन्होंने अपना परिचय दिया तो दोनों को छोड़ा गया। सीओ फूलपुर सत्येंद्र सिंह ने बताया कि किसी भी थाने की पुलिस जांच के लिए कहीं भी जा सकती है। दरोगा को रोके जाने का मामला गलत है। जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।  
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