देर रात संघर्ष में सीओ को लगी गाेली
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बता दें कि तीन मई को आटो के भाड़े के विवाद में खुदादादपुर गांव निवासी चालक और बगल के फरीदाबाद गांव के कुछ लोगों में विवाद के बाद मारपीट हुई थी। मामला दो समुदाय का होने से पुलिस जल्द मौके पर पहुंच गई और स्थिति पर काबू कर लिया था। एसपी सिटी विपिन ताड़ा ने बताया कि पुलिस उपद्रवियों को काबू करने में लगी थी इसी दौरान एक समुदाय के लोगों ने धार्मिक स्थल से अपने पक्ष के लोगों को ललकारा।
इसके बाद उपद्रवी आगजनी और लूटपाट करने लगे। पुलिस आगे बढ़ी तो उन लोगों ने पुलिस हमला बोल दिया। इस दौरान हुई फायरिंग में गोली से सीओ सिटी डा. केके सरोज घायल हो गए। उन्हें हाथ में गोली लगी है। जबकि पत्थर लगने से एसडीएम निजामाबाद अनिल सिंह, तहसीलदार रत्नेश सिंह समेत दो सिपाही घायल हो गए। उपद्रवियों ने एसओ निजामाबाद का मोबाइल छीन लिया। देर रात भारी फोर्स पहुंचने पर हालात पर काबू पाया गया। घटना के दूसरे दिन रविवार की सुबह खुदादादपुर गांव पहुंचे आईजी जोन वाराणसी एसके भगत ने अधिकारियों के साथ घटनास्थल का मुआयना किया।
पीड़ितों से मिलकर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। वह स्वयं फोर्स के साथ फरिदाबाद और संजरपुर गांव में रूट मार्च किया। इस मौके पर मंडलायुक्त आरपी गोस्वामी, डीआईजी उमेश चंद श्रीवास्तव, डीएम, एसपी आदि मौजूद रहे।
निजामाबाद थाने के खुदादादपुर गांव में शनिवार की रात हुई हिंसक घटना के समय उपद्रवियों के आगे प्रशासन लाचार दिखा। सही समय पर निर्णय न लिए जाने का परिणाम पुलिसकर्मियों को भुगतना पड़ा। सूत्रों की मानें तो खुफिया तंत्र ने गांव में दो पक्षों में तनाव के चलते घटना की आशंका जताते हुए इसकी सूचना दो दिन पहले ही पुलिस प्रशासन को दी थी।
नहीं हुआ मेडिकल
खुदादादपुर गांव में शनिवार की रात उपद्रव करने वाले दूसरे समुदाय के करीब दो दर्जन से अधिक लोग रविवार को जिला अस्पताल में अपना मेडिकल मुआयना कराने पहुंचे लेकिन डाक्टर ने पुलिस के साथ न आने के कारण मेडिकल मुआयना करने से इंकार कर दिया। मेडिकल न होने पर उन सभी ने अपने एक परिचित अधिकारी को फोन किया। जब तक अधिकारी वहां पहुंचते कि वे सभी लोग अस्पताल से कहीं चले गए थे।
तो इसलिए सीओ पर हुआ हमला
खुदादादपुर गांव में तीन मई की रात हुई दो पक्षों के बीच हिंसक घटना के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों से गांव के लोग उलझ गए। इस दौरान अधिकारियों को अपशब्दों से भी नवाज रहे थे। तभी सीओसिटी वहां पहुंच गए और उन्होंने मातहतों को ललकारते हुए सभी को दौड़ा लिया था। तभी से सीओ उपद्रवियों की नजर में खटक रहे थे। शनिवार की रात उन्हें मौका मिला और लक्ष्य कर उन सभी ने सीओ को निशाना बनाया।