{"_id":"57a385ac4f1c1bda762bb9bc","slug":"if-the-young-man-had-not-come-from-the-maiden-wife-hanging","type":"story","status":"publish","title_hn":"मायके से नहीं आई पत्नी तो युवक ने लगाई फांसी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मायके से नहीं आई पत्नी तो युवक ने लगाई फांसी
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Thu, 04 Aug 2016 11:43 PM IST
विज्ञापन
फांसी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के नुरुद्दीन पुर गांव निवासी एक व्यक्ति ने गुरुवार को पत्नी के वियोग में फांसी लगाकर जान दे दी। पत्नी तीन बच्चों को लेकर पांच दिन से मायके में थी। बुलाने पर भी जब पत्नी ससुराल नहीं आई तो पति ने खुदकुशी कर ली। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के नुरुद्दीनपुर गांव निवासी अमित कुमार (40) वर्ष पुत्र भदई राम राजगीर का काम करता था। उसकी पत्नी निर्मला देवी पांच रोज पहले अपने मायके रौनापार थाना क्षेत्र के सोनवरा झगरवा देवारा चली गई थी। इसके बाद अमित कुमार उसको बुलाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं आई तो अमित गुस्से में गुरुवार पूर्वाहन करीब 11.30 बजे दिन में घर में रखे सारे सामान को बाहर फेंक दिया।
इसके बाद बांस की सीढ़ी के सहारे छत पर लगे पंखे से फांसी लगाकर जान दे दी । उसका मकान गांव से पूरब कुछ दूरी पर लोहिया आवास योजना के तहत बना है । गांव के लोगों को जब इसकी जानकारी हुई तो लोगों ने घर वालों और पुलिस को खबर दी। पुलिस मौके पर पहुंचकर लाश को कब्जे में ले लिया। मृतक अमित कुमार के तीन पुत्र हैं। सबसे बड़ा चंद्रशेखर (14), छोटू (12) और सबसे छोटा झीनक आठ वर्ष का है।
विज्ञापन
अमित कुमार तीन भाइयों और दो बहनों में तीसरे नंबर पर था। सभी लोग अलग-अलग रहते हैं। सबसे बड़ा भाई धर्मेंद्र (42), दूसरे नंबर पर मृतक अमित कुमार था। तीसरे नंबर पर चंद्रिका है। दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। कुछ लोगों का कहना है कि वह शराब पीने का भी आदी था। बेटे की मौत पर मां प्रभावती देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने बताया कि उसकी पत्नी को पथरी हो गई है आपरेशन कराने के लिए मायके गई हुई है। समाचार लिखे जाने तक मृतक की पत्नी और बच्चे अपने घर नुरुद्दीनपुर नहीं पहुंचे थे।
नाव के सहारे नदी पारकर आना था। सूचना मिलते ही पत्नी निर्मला देवी अपने मायके से बच्चों के साथ निकल चुकी थी। लोगों की जुबान पर बस एक चर्चा थी कि अब बच्चों की देखभाल कौन करेगा ।
विज्ञापन
जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के नुरुद्दीनपुर गांव निवासी अमित कुमार (40) वर्ष पुत्र भदई राम राजगीर का काम करता था। उसकी पत्नी निर्मला देवी पांच रोज पहले अपने मायके रौनापार थाना क्षेत्र के सोनवरा झगरवा देवारा चली गई थी। इसके बाद अमित कुमार उसको बुलाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं आई तो अमित गुस्से में गुरुवार पूर्वाहन करीब 11.30 बजे दिन में घर में रखे सारे सामान को बाहर फेंक दिया।
विज्ञापन
इसके बाद बांस की सीढ़ी के सहारे छत पर लगे पंखे से फांसी लगाकर जान दे दी । उसका मकान गांव से पूरब कुछ दूरी पर लोहिया आवास योजना के तहत बना है । गांव के लोगों को जब इसकी जानकारी हुई तो लोगों ने घर वालों और पुलिस को खबर दी। पुलिस मौके पर पहुंचकर लाश को कब्जे में ले लिया। मृतक अमित कुमार के तीन पुत्र हैं। सबसे बड़ा चंद्रशेखर (14), छोटू (12) और सबसे छोटा झीनक आठ वर्ष का है।
विज्ञापन
अमित कुमार तीन भाइयों और दो बहनों में तीसरे नंबर पर था। सभी लोग अलग-अलग रहते हैं। सबसे बड़ा भाई धर्मेंद्र (42), दूसरे नंबर पर मृतक अमित कुमार था। तीसरे नंबर पर चंद्रिका है। दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। कुछ लोगों का कहना है कि वह शराब पीने का भी आदी था। बेटे की मौत पर मां प्रभावती देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने बताया कि उसकी पत्नी को पथरी हो गई है आपरेशन कराने के लिए मायके गई हुई है। समाचार लिखे जाने तक मृतक की पत्नी और बच्चे अपने घर नुरुद्दीनपुर नहीं पहुंचे थे।
नाव के सहारे नदी पारकर आना था। सूचना मिलते ही पत्नी निर्मला देवी अपने मायके से बच्चों के साथ निकल चुकी थी। लोगों की जुबान पर बस एक चर्चा थी कि अब बच्चों की देखभाल कौन करेगा ।