{"_id":"59f220824f1c1bd7538b96aa","slug":"crores-of-scams-in-socialist-pension","type":"story","status":"publish","title_hn":"समाजवादी पेंशन में करोड़ों का घोटाला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
समाजवादी पेंशन में करोड़ों का घोटाला
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Thu, 26 Oct 2017 11:20 PM IST
विज्ञापन
demo pic
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। वर्ष 2007 से 2011 तक समाज कल्याण विभाग में 150 करोड़ के घोटाले के मामले की जांच अभी सिरे भी नहीं चढ़ पाई थी कि विभाग से वर्ष 2014 से 2017 के दौरान जारी की गई समाजवादी पेंशन में करोड़ों के घोटाले सामने आ रहा है। विभाग की ओर से जारी गई पेंशन में कई पेंशनधारियों के खाते एक ही मिले हैं।
एक ही खाते में कई लोगों की पेंशन जारी कर करोड़ों रुपये का गबन किया गया है। ऐसे सैकड़ों खातों को चिह्नित कर साक्ष्य के साथ मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करते हुए सीबीआई जांच की गुहार लगाई गई हैै। वहीं, मामला कमिश्नर के पास भी पहुंचने पर जांच की बात कही गई है।
समाजवादी पार्टी की सरकार की ओर से समाजवादी पेंशन योजना शुरू की गई थी। 2014 में शुरू की गई इस योजना के तहत गरीब लोगों को 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती थी। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद 2017 में इस योजना के सत्यापन का आदेश देकर इसे होल्ड कर दिया गया।
विज्ञापन
वर्तमान में जिले में योजना के तहत लगभग एक लाख आठ हजार लाभार्थी हैं। जिले में 2014 से 2017 तक करोड़ों रुपये की घपले की शिकायत मुख्यमंत्री और कमिश्नर से की गई है। आरोप लगाया गया है कि योजना में विभाग की ओर से जमकर फर्जीवाड़ा किया गया है।
योजना के तहत लाभार्थी को पेंशन की रकम सीधे उसके खाते में जाती है, लेकिन सैकड़ों खाते ऐसे मिले हैं, जिसमें दो या दो से ज्यादा लोगों की पेंशन भेजी गई। विभागीय और बैंक अधिकारियों की ओर से इसका आहरण् भीा किया गया है। शिकायतकर्ता मानवाधिकार संगठन के सदस्य अरुण कुमार सिंह की ओर से ऐसे सैकड़ों खातों को चिह्नित करते हुए साक्ष्य भी पेश किए गए हैं।
पहले मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करते हुए करते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई। गुरुवार को मामले की शिकायत कमिश्नर से की गई। कमिश्नर ने देर शाम अधिकारियों को ब्यौरे के साथ तलब किया था।
समाजवादी पेंशन में घोटाले की शिकायत की गई है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को तलब किया गया है। जांच में शिकायत सत्य पाई जाती है तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
के रविंद्र नायक, कमिश्नर
विज्ञापन
एक ही खाते में कई लोगों की पेंशन जारी कर करोड़ों रुपये का गबन किया गया है। ऐसे सैकड़ों खातों को चिह्नित कर साक्ष्य के साथ मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करते हुए सीबीआई जांच की गुहार लगाई गई हैै। वहीं, मामला कमिश्नर के पास भी पहुंचने पर जांच की बात कही गई है।
विज्ञापन
समाजवादी पार्टी की सरकार की ओर से समाजवादी पेंशन योजना शुरू की गई थी। 2014 में शुरू की गई इस योजना के तहत गरीब लोगों को 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती थी। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद 2017 में इस योजना के सत्यापन का आदेश देकर इसे होल्ड कर दिया गया।
विज्ञापन
वर्तमान में जिले में योजना के तहत लगभग एक लाख आठ हजार लाभार्थी हैं। जिले में 2014 से 2017 तक करोड़ों रुपये की घपले की शिकायत मुख्यमंत्री और कमिश्नर से की गई है। आरोप लगाया गया है कि योजना में विभाग की ओर से जमकर फर्जीवाड़ा किया गया है।
योजना के तहत लाभार्थी को पेंशन की रकम सीधे उसके खाते में जाती है, लेकिन सैकड़ों खाते ऐसे मिले हैं, जिसमें दो या दो से ज्यादा लोगों की पेंशन भेजी गई। विभागीय और बैंक अधिकारियों की ओर से इसका आहरण् भीा किया गया है। शिकायतकर्ता मानवाधिकार संगठन के सदस्य अरुण कुमार सिंह की ओर से ऐसे सैकड़ों खातों को चिह्नित करते हुए साक्ष्य भी पेश किए गए हैं।
पहले मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करते हुए करते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई। गुरुवार को मामले की शिकायत कमिश्नर से की गई। कमिश्नर ने देर शाम अधिकारियों को ब्यौरे के साथ तलब किया था।
समाजवादी पेंशन में घोटाले की शिकायत की गई है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को तलब किया गया है। जांच में शिकायत सत्य पाई जाती है तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
के रविंद्र नायक, कमिश्नर