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पुराने तस्करों का खंगाला जा रहा रिकार्ड
Updated Mon, 08 Oct 2018 11:17 PM IST
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आजमगढ़। रौनापार बाजार में देसी शराब के ठेके के पास से 14800 रुपये की जाली नोट के साथ दो लोगों के पकड़े जाने के पुलिस अब उन तस्करों की कुंडली पुन: खंगालने में जुट गई हैं, जिन्हें पूर्व में नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है।
पूर्व में जाली नोटों का कारोबार जिले में भी बड़े पैमाने पर हो रहा था। अक्तूबर 2015 में फूलपुर कोतवाली में गंभीरपुर थाने के मंगरावा गांव निवासी रफीक अहमद नामक कारोबारी को गिरफ्तार कर उसके पास से करीब एक लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद की थी। निरीक्षक राजीव सिंह ने सारे नोटों को महाराष्ट्र के नासिक में वहां भेजकरा जांच कराई थी, जहां नोटों की छपाई होती है। जांच में पुष्ट हो गया था कि यह सभी नोट पाकिस्तान में प्रिंट हुए हैं। रिपोर्ट आने के साथ ही राजीव सिंह का ट्रांसफर हो गया। इसके बाद कार्रवाई बंद हो गई। जिसका परिणाम रहा कि आरोपी आसानी से छूटकर फरार हो गया। इससे पूर्व करीब 45 हजार रुपये की नकली नोट के साथ कई आरोपी गिरफ्तार हुए थे, लेकिन किसी ने भी नोटों की जांच करवाने की जहमत नहीं उठाया। जिसका फायदा नकली नोट के कारोबारियों को मिला। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि नकली नोट से जुड़े पुराने आरोपियों का रिकार्ड खंगाला जा रहा, ताकि इस बात का पता चल सके कि अब किन परिस्थितियों में पुन: नकली नोट का कारोबार शुरू हुआ और इसके पीछे मुख्य किस व्यक्ति का हाथ है। नकली नोट से जुड़े पुराने मामलों की जांच पड़ताल करते हुए आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की रणनीति तैयार की जाएगी।
पूर्व में जाली नोटों का कारोबार जिले में भी बड़े पैमाने पर हो रहा था। अक्तूबर 2015 में फूलपुर कोतवाली में गंभीरपुर थाने के मंगरावा गांव निवासी रफीक अहमद नामक कारोबारी को गिरफ्तार कर उसके पास से करीब एक लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद की थी। निरीक्षक राजीव सिंह ने सारे नोटों को महाराष्ट्र के नासिक में वहां भेजकरा जांच कराई थी, जहां नोटों की छपाई होती है। जांच में पुष्ट हो गया था कि यह सभी नोट पाकिस्तान में प्रिंट हुए हैं। रिपोर्ट आने के साथ ही राजीव सिंह का ट्रांसफर हो गया। इसके बाद कार्रवाई बंद हो गई। जिसका परिणाम रहा कि आरोपी आसानी से छूटकर फरार हो गया। इससे पूर्व करीब 45 हजार रुपये की नकली नोट के साथ कई आरोपी गिरफ्तार हुए थे, लेकिन किसी ने भी नोटों की जांच करवाने की जहमत नहीं उठाया। जिसका फायदा नकली नोट के कारोबारियों को मिला। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि नकली नोट से जुड़े पुराने आरोपियों का रिकार्ड खंगाला जा रहा, ताकि इस बात का पता चल सके कि अब किन परिस्थितियों में पुन: नकली नोट का कारोबार शुरू हुआ और इसके पीछे मुख्य किस व्यक्ति का हाथ है। नकली नोट से जुड़े पुराने मामलों की जांच पड़ताल करते हुए आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की रणनीति तैयार की जाएगी।
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