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स्टांप चोरी में ढाई लाख की आरसी कटी
Updated Sun, 21 Jan 2018 11:57 PM IST
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जनपद में जमीन की खरीद-फरोख्त के दौरान स्टांप चोरी का खेल जारी है। रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से यह होता है। ऐसे ही तीन मामलों में ढाई लाख रुपये री स्टांप चोरी पकड़ी गई है। सहायक आयुक्त ने दोषियों से स्टांप चोरी की रकम को ब्याज के साथ वसूलने के लिए आरसी जारी की है।
सदर तहसील के बयासी मौजा स्थित आराजी नंबर 246 से जमीन सुरेंद्र कुमार और अरुण कुमार पुत्रगण जगदंबा ने गौरीडीह खालसा निवासी मोहम्मद अतहर पुत्र सलाहुद्दीन को बेची गई जमीन को कृषि की बताया था। सुधीर कुमार श्रीवास्तव की शिकायत पर एडीएम वित्त एवं राजस्व के निर्देेश पर उपनिबंधक सदर ने जांच की। जिसमें 2.19 लाख की स्टांप शुल्क की कमी पाई गई। इसी तरह बयासी मौजा के आराजी नंबर 44 से राजनाथ ने मो. अतहर पुत्र सलाहुद्दीन को जमीन बेची थी। जांच में 9210 रुपये स्टांप शुल्क की कमी पाई गई। बयासी मौजे के ही आराजी नंबर 36, 34 और 44 से सुरेंद्र कुमार और अरुण कुमार पुत्रगण जगदंबा ने जमीन बेची थी। जांच में 10 हजार 50 रुपये के स्टांप शुल्क की कमी पाई गई। सहायक आयुक्त स्टांप रमाकांत सिंह ने पांच अगस्त 2016 को ही स्टांप शुल्क की रकम को ब्याज के साथ वसूलने का आदेश दिया था, लेकिन वसूली नहीं हुई। भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के सदस्य अरुण कुमार सिंह ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की। जिलाधिकारी के निर्देश पर स्टांप शुल्क की चोरी करने वाले दोषियों के खिलाफ बुधवार को आरसी जारी की गई है।
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इसे स्टांप चोरी का नहीं बल्कि स्टांप की कमी का मामला कहेंगे। आदेश के बाद इंतजार किया जाता है तो लोग स्वयं आकर स्टांप की कमी को पूरा कर दें। लेकिन जब इनके द्वारा ऐसा नहीं किया जाता है तो आरसी भेजी जाती है।
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वीके गुप्ता, एडीएम वित्त एवं राजस्व। -
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सदर तहसील के बयासी मौजा स्थित आराजी नंबर 246 से जमीन सुरेंद्र कुमार और अरुण कुमार पुत्रगण जगदंबा ने गौरीडीह खालसा निवासी मोहम्मद अतहर पुत्र सलाहुद्दीन को बेची गई जमीन को कृषि की बताया था। सुधीर कुमार श्रीवास्तव की शिकायत पर एडीएम वित्त एवं राजस्व के निर्देेश पर उपनिबंधक सदर ने जांच की। जिसमें 2.19 लाख की स्टांप शुल्क की कमी पाई गई। इसी तरह बयासी मौजा के आराजी नंबर 44 से राजनाथ ने मो. अतहर पुत्र सलाहुद्दीन को जमीन बेची थी। जांच में 9210 रुपये स्टांप शुल्क की कमी पाई गई। बयासी मौजे के ही आराजी नंबर 36, 34 और 44 से सुरेंद्र कुमार और अरुण कुमार पुत्रगण जगदंबा ने जमीन बेची थी। जांच में 10 हजार 50 रुपये के स्टांप शुल्क की कमी पाई गई। सहायक आयुक्त स्टांप रमाकांत सिंह ने पांच अगस्त 2016 को ही स्टांप शुल्क की रकम को ब्याज के साथ वसूलने का आदेश दिया था, लेकिन वसूली नहीं हुई। भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के सदस्य अरुण कुमार सिंह ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की। जिलाधिकारी के निर्देश पर स्टांप शुल्क की चोरी करने वाले दोषियों के खिलाफ बुधवार को आरसी जारी की गई है।
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इसे स्टांप चोरी का नहीं बल्कि स्टांप की कमी का मामला कहेंगे। आदेश के बाद इंतजार किया जाता है तो लोग स्वयं आकर स्टांप की कमी को पूरा कर दें। लेकिन जब इनके द्वारा ऐसा नहीं किया जाता है तो आरसी भेजी जाती है।
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वीके गुप्ता, एडीएम वित्त एवं राजस्व। -