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ग्रामीणों के बीच घूम रही विपिन के हत्या की कहानी
Updated Thu, 02 Nov 2017 11:38 PM IST
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आजमगढ़। देवगांव कोतवाली क्षेत्र के रणमो गांव में मंगलवार की रात गोली मारकर की गई युवक विपिन यादव के हत्या की कहानी गांव में लोगों के बीच गूंज रही हैं। लेकिन आरोपी के भय के चलते कोई भी पुलिस के सामने मुंह खोलने का साहस नहीं जुटा पा रहा। कहा जा रहा है कि जिस समय आरोपी ने विपिन को गोली मारी थी, उस समय मौके पर गांव के लोगों को पिस्टल दिखाते हुए मुंह न खोलने की धमकी दी थी। भय का ही आलम है कि विपिन के भाई मनोज यादव ने सबकुछ जानने के बाद भी अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस इस मामले में आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
रणमो गांव निवासी विपिन यादव पांच भाईयों में छोटा था। मंगलवार की रात करीब आठ बजे वह अपनी बाइक लेकर घर से पांच सौ मीटर की दूरी पर मौर्या मुहल्ले में स्थित मंदिर पर स्थापित लक्ष्मी-गणेश के पूजा पंडाल पर गया हुआ था। जहां किसी विवाद के चलते पांच गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी गई। उसकी बाइक बगल में खड़ी थी। जबकि चाबी हाथ में और मोबाइल स्वीच आफ जेब में और जेब में ही सौ रुपये भी पड़ा हुआ था। घटना के संबंध में पुलिस को रात को ही सूचना मिली लेकिन गांव पहुंचे दो सिपाहियों को कोई जानकारी नहीं हुई। बुधवार की सुबह पुलिस को पता चल सका। लेकिन घटना का मुख्य कारण गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है। हत्यारोपी के भय का आलम यह है कि पीड़ित परिवार के लोग भी उसके खिलाफ केस दर्ज कराने की बजाय अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। उधर घटना के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुट गई कि घटना के बाद कौन गांव में मौजूद है, कौन फरार है। एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि पुलिस विपिन हत्याकांड के खुलासे के बिल्कुल करीब है।
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रणमो गांव निवासी विपिन यादव पांच भाईयों में छोटा था। मंगलवार की रात करीब आठ बजे वह अपनी बाइक लेकर घर से पांच सौ मीटर की दूरी पर मौर्या मुहल्ले में स्थित मंदिर पर स्थापित लक्ष्मी-गणेश के पूजा पंडाल पर गया हुआ था। जहां किसी विवाद के चलते पांच गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी गई। उसकी बाइक बगल में खड़ी थी। जबकि चाबी हाथ में और मोबाइल स्वीच आफ जेब में और जेब में ही सौ रुपये भी पड़ा हुआ था। घटना के संबंध में पुलिस को रात को ही सूचना मिली लेकिन गांव पहुंचे दो सिपाहियों को कोई जानकारी नहीं हुई। बुधवार की सुबह पुलिस को पता चल सका। लेकिन घटना का मुख्य कारण गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है। हत्यारोपी के भय का आलम यह है कि पीड़ित परिवार के लोग भी उसके खिलाफ केस दर्ज कराने की बजाय अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। उधर घटना के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुट गई कि घटना के बाद कौन गांव में मौजूद है, कौन फरार है। एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि पुलिस विपिन हत्याकांड के खुलासे के बिल्कुल करीब है।
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