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सिपाहियों ने बीमार बंदी को बताया स्वस्थ्य
Updated Mon, 09 Jul 2018 12:28 AM IST
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पुलिस लाइन में तैनात दो सिपाहियों ने अपने आराम के लिए शुक्रवार की रात बीमार वृद्ध कैदी को स्वस्थ बताते हुए जिला अस्पताल से रात करीब साढ़े दस बजे जेल पहुंचे। करीब दो घंटे बाद जेल अधीक्षक गेट पर पहुंचे और कैदी के साथ मौजूद दोनों सिपाहियों को फटकार लगाते हुए पुन: जिला अस्पताल भेजवा दिया। इस दौरान कैदी को काफी परेशानी हुई।
देवगांव कोतवाली क्षेत्र के बसहीं इकबालपुर गांव निवासी अलाउद्दीन (85) एक दलित की हत्या का आरोपी है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान करीब एक माह पूर्व अदालत ने उन्हें सजा सुनाते हुए जेल भेजवा दिया। तभी से वह जेल में है। सजाआफ्ता अलाउद्दीन की शुक्रवार को तबियत खराब होने पर जेल प्रशासन ने पुलिस अभिरक्षा में उसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। अस्पताल के डाक्टर अलाउद्दीन को भर्ती कर इलाज करना शुरू किया। तभी अलाउद्दीन की सुरक्षा में लगे दोनों सिपाही डाक्टर से मिलकर उसे स्वस्थ बताते हुए जेल के लिए लेकर चल दिए। रात करीब साढ़े दस बजे दोनों सिपाही जेल पहुंचे और अलाउद्दीन को दाखिल करने के लिए दरवाजा खुलवाने लगे। बंदी रक्षकों ने दरवाजा नहीं खोला, बल्कि जेल अधीक्षक को सूचना दी। करीब दो घंटे बाद पहुंचे जेल अधीक्षक ने सिपाहियों को फटकार लगाते हुए पुन: इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजवा दिया। जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम ने बताया कि सिपाहियों ने अपने आराम के लिए बीमार बंदी को स्वास्थ्य बताते हुए जिला अस्पताल से लेकर चले आए थे। उसे वापस अस्पताल भेजवा दिया गया।
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देवगांव कोतवाली क्षेत्र के बसहीं इकबालपुर गांव निवासी अलाउद्दीन (85) एक दलित की हत्या का आरोपी है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान करीब एक माह पूर्व अदालत ने उन्हें सजा सुनाते हुए जेल भेजवा दिया। तभी से वह जेल में है। सजाआफ्ता अलाउद्दीन की शुक्रवार को तबियत खराब होने पर जेल प्रशासन ने पुलिस अभिरक्षा में उसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। अस्पताल के डाक्टर अलाउद्दीन को भर्ती कर इलाज करना शुरू किया। तभी अलाउद्दीन की सुरक्षा में लगे दोनों सिपाही डाक्टर से मिलकर उसे स्वस्थ बताते हुए जेल के लिए लेकर चल दिए। रात करीब साढ़े दस बजे दोनों सिपाही जेल पहुंचे और अलाउद्दीन को दाखिल करने के लिए दरवाजा खुलवाने लगे। बंदी रक्षकों ने दरवाजा नहीं खोला, बल्कि जेल अधीक्षक को सूचना दी। करीब दो घंटे बाद पहुंचे जेल अधीक्षक ने सिपाहियों को फटकार लगाते हुए पुन: इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजवा दिया। जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम ने बताया कि सिपाहियों ने अपने आराम के लिए बीमार बंदी को स्वास्थ्य बताते हुए जिला अस्पताल से लेकर चले आए थे। उसे वापस अस्पताल भेजवा दिया गया।
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