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कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट का इंतजार
Updated Mon, 19 Nov 2018 11:23 PM IST
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आजमगढ़। जेल के भीतर कैदियों द्वारा धड़ल्ले से मोबाइल चलाने के मामले में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए एडीजी जेल चंद्र प्रकाश को जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। वहीं जेल प्रशासन की तरफ से विवादित बंदियों को दूसरी जेलों में ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया शुरू कर दिया गया है। उधर जेल में कैदियों द्वारा मोबाइल चलाने के लिए कौन-कौन से अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदार हैं। इस मामले में किसकी कितनी भूमिका है। यह जांचने के लिए जांच अधिकारी कभी भी जेल आ सकते हैं।
बता दें कि जेल में निरुद्ध बदमाश सचिन पांडेय, रुदल यादव, सचिन पांडेय द्वितीय, पूर्व मंत्री अंगद यादव सहित अन्य धड़ल्ले से एनड्राइड सेट के जरिए सोशल साइटों पर हमेशा आनलाइन रहते हैं। बदमाश जहां इसके जरिए अपने गुर्गो से घटनाओं को अंजाम दिलवाते हैं। वहीं पूर्व मंत्री अपने समर्थकों का हालचाल लेते रहते हैं। जेल के भीतर मोबाइल चलने का मामला अमर उजाला की तरफ से प्रमुखता से उठाई गई तो प्रशासन हरकत में आया। जेल के अधिकारियों ने जहां सघन तलाशी अभियान चलाकर एक बदमाश की मोबाइल बरामद कर ली। जबकि अन्य लोग अभी भी मोबाइल चोरी से चला रहे हैं।
उधर यह मामला संज्ञान में आने पर एडीजी जेल ने पूरे मामले की जांच महराजगंज जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक एके सिंह को सौंपकर रिपोर्ट मांगी है। वहीं जेल प्रशासन कानून व्यवस्था की धज्जी उड़ाने वाले बंदियों को दूसरी जेल में ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया शुरू कर दिए हैं। जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर अनुमति के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। उधर मामले की जांच करने वाले अधिकारी अभी तक जांच करने के लिए जेल नहीं पहुंच सके हैं। जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम ने बताया कि जल्द ही जांच अधिकारी यहां आ सकते हैं। एडीजी जेल चंद्र प्रकाश ने बताया कि जेल में मोबाइल चलाने के लिए कौन-कौन से जिम्मेदार अधिकारी हैं। इसके लिए किसका कितना दोष है। इसकी रिपोर्ट आने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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बता दें कि जेल में निरुद्ध बदमाश सचिन पांडेय, रुदल यादव, सचिन पांडेय द्वितीय, पूर्व मंत्री अंगद यादव सहित अन्य धड़ल्ले से एनड्राइड सेट के जरिए सोशल साइटों पर हमेशा आनलाइन रहते हैं। बदमाश जहां इसके जरिए अपने गुर्गो से घटनाओं को अंजाम दिलवाते हैं। वहीं पूर्व मंत्री अपने समर्थकों का हालचाल लेते रहते हैं। जेल के भीतर मोबाइल चलने का मामला अमर उजाला की तरफ से प्रमुखता से उठाई गई तो प्रशासन हरकत में आया। जेल के अधिकारियों ने जहां सघन तलाशी अभियान चलाकर एक बदमाश की मोबाइल बरामद कर ली। जबकि अन्य लोग अभी भी मोबाइल चोरी से चला रहे हैं।
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उधर यह मामला संज्ञान में आने पर एडीजी जेल ने पूरे मामले की जांच महराजगंज जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक एके सिंह को सौंपकर रिपोर्ट मांगी है। वहीं जेल प्रशासन कानून व्यवस्था की धज्जी उड़ाने वाले बंदियों को दूसरी जेल में ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया शुरू कर दिए हैं। जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर अनुमति के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। उधर मामले की जांच करने वाले अधिकारी अभी तक जांच करने के लिए जेल नहीं पहुंच सके हैं। जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम ने बताया कि जल्द ही जांच अधिकारी यहां आ सकते हैं। एडीजी जेल चंद्र प्रकाश ने बताया कि जेल में मोबाइल चलाने के लिए कौन-कौन से जिम्मेदार अधिकारी हैं। इसके लिए किसका कितना दोष है। इसकी रिपोर्ट आने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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