{"_id":"59a1c7344f1c1bf51e8b4883","slug":"181503774516-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो केले का दाम मांगने पर किशोर की हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दो केले का दाम मांगने पर किशोर की हत्या
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तहबरपुर। थाना क्षेत्र के नेवादा बाजार में शनिवार की शाम दो केले का दाम मांगने से नाराज मनबढ़ ने किशोर फल विक्रेता की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देकर बदमाश अपने साथी की बाइक पर बैठकर आजमगढ़ की ओर भाग गया।
तहबरपुर थाना क्षेत्र के खुटौली गांव निवासी जयशंकर सोनकर नेवादा बाजार में फल का ठेला लगाता था। शनिवार को जयशंकर किसी काम से बाहर चला गया। इसलिए उसके दूकान पर छोटा भाई प्रमोद सोनकर (16) पुत्र विजई था। शाम करीब साढ़े चार बजे बाजार से सटे कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बड़हल बुजुर्ग गांव निवासी जयविंद यादव पुत्र गोरख अपने एक साथी को लेकर पहुंचा। साथी दूर खड़ा था जबकि जयविंद ने प्रमोद के ठेले से दो केला लेकर खाया और चल दिया। प्रमोद ने जब केले का दाम मांगा तो वह धमकी देते हुए उसके पास गया और पीठ में तमंचा सटाकर उसे गोली मार दिया। गोली प्रमोद के पीठ को छेदते हुए शरीर के पार निकलकर सड़क के दूसरी तरफ अशोक के पेड़ से टकरा गई। जबकि खून से लथपथ प्रमोद अपने ठेले पर गिर गया। भीड़ भाड़ वाले इलाके में गोली चलने से हड़कंप मच गया। लोग जयविंद को पकडने के लिए उसकी तरफ दौड़े लेकिन वह तमंचा लहराने लगा। इससे उसकी तरफ किसी के बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई। जयविंद थोड़े दूर पर खड़े अपने साथी की बाइक पर बैठकर आजमगढ़ की ओर भाग गया। लोग आनन-फानन में प्रमोद को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां परीक्षण कर डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रमोद की हत्या के बाद बाजार के लोग पुलिस के प्रति आक्रोशित हो गए। लोगों का कहना था कि जयविंद ऐसे ही हर दूकानदार के यहां से फल खाता था और बगैर पैसे दिए चला जाता था। पैसा मांगने वालों को धमकी देता था। कई बार थाने पर शिकायत की गई लेकिन हर बार दवाब में पुलिस शांत हो जाती थी। चार भाइयों में छोटा प्रमोद सोनकर कक्षा नौ का छात्र था।
विज्ञापन
तहबरपुर थाना क्षेत्र के खुटौली गांव निवासी जयशंकर सोनकर नेवादा बाजार में फल का ठेला लगाता था। शनिवार को जयशंकर किसी काम से बाहर चला गया। इसलिए उसके दूकान पर छोटा भाई प्रमोद सोनकर (16) पुत्र विजई था। शाम करीब साढ़े चार बजे बाजार से सटे कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बड़हल बुजुर्ग गांव निवासी जयविंद यादव पुत्र गोरख अपने एक साथी को लेकर पहुंचा। साथी दूर खड़ा था जबकि जयविंद ने प्रमोद के ठेले से दो केला लेकर खाया और चल दिया। प्रमोद ने जब केले का दाम मांगा तो वह धमकी देते हुए उसके पास गया और पीठ में तमंचा सटाकर उसे गोली मार दिया। गोली प्रमोद के पीठ को छेदते हुए शरीर के पार निकलकर सड़क के दूसरी तरफ अशोक के पेड़ से टकरा गई। जबकि खून से लथपथ प्रमोद अपने ठेले पर गिर गया। भीड़ भाड़ वाले इलाके में गोली चलने से हड़कंप मच गया। लोग जयविंद को पकडने के लिए उसकी तरफ दौड़े लेकिन वह तमंचा लहराने लगा। इससे उसकी तरफ किसी के बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई। जयविंद थोड़े दूर पर खड़े अपने साथी की बाइक पर बैठकर आजमगढ़ की ओर भाग गया। लोग आनन-फानन में प्रमोद को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां परीक्षण कर डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रमोद की हत्या के बाद बाजार के लोग पुलिस के प्रति आक्रोशित हो गए। लोगों का कहना था कि जयविंद ऐसे ही हर दूकानदार के यहां से फल खाता था और बगैर पैसे दिए चला जाता था। पैसा मांगने वालों को धमकी देता था। कई बार थाने पर शिकायत की गई लेकिन हर बार दवाब में पुलिस शांत हो जाती थी। चार भाइयों में छोटा प्रमोद सोनकर कक्षा नौ का छात्र था।
विज्ञापन