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लोगों के 75 करोड़ लेकर फरार हुई कंपनी, एजेंट परेशान
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आजमगढ़। 2016 में लोगों का करोड़ों रुपया लेकर फरार प्राइवेट कंपनी का पता आज तक नहीं चल पाया है। इसका खामियाजा कंपनी के एजेंटों को उठाना पड़ रहा है। लोग इन एजेंट्स के अपने पैसे मांग रहे हैं। रविवार को इन एजेंट्स ने सपा के पूर्व विधायक बृजलाल सोनकर से गुहार लगाई है। वहीं विधायक ने इस मामले में कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री समेत गृहमंत्री, मुख्यमंत्री, डीएम और एसपी को पत्र लिखा है।
रविवार को अपने आवास पर प्रेसवार्ता में पूर्व विधायक ने बताया कि मऊ के कैलवर खालसा गांव के दो व्यक्तियों ने 2011 में प्राइवेट कंपनी शुरू की। इसकी शाखा आजमगढ़ समेत जौनपुर, वाराणसी में भी खोली और काम के लिए एजेंट्स नियुक्त किया। उन्होंने लोगों से आरडी और एफडी के जरिये धन जमा कराना शुरू किया। कंपनी ने साढ़े चार साल में पैसा दोगुना करने का दावा किया। जब एफडी की मियाद पूरी होने का समय आया तो कंपनी सब कुछ समेट कर 2016 में फरार हो गई। एजेंटों ने जब कंपनी के लोगों को पकड़ा तो उन्होंने लोगों के पैसे लौटाने का आश्वासन दिया लेकिन धीरे धीरे तीन साल बीत गए और पैसे नहीं मिले। पूर्व विधायक ने बताया कि अब ये दोनों जालसाज अपनी पत्नियों के नाम से पंजीकरण कराकर दूसरी फर्म खोल ली है। बताया कि इस संबंध में वह स्वयं सोमवार को डीएम और एसपी से मुलाकात करेंगे और उनसे दोषियों के लिए कार्रवाई की मांग करेंगे। कंपनी में एजेंट का कार्य करने वाले करूणाकर प्रसाद, राधेश्याम, विश्राम मौर्या, गुलाबचंद, रमाशंकर आदि ने बताया कि कंपनी खोलने वालों ने करीब 75 करोड़ रुपये का गोलमाल किया है। जिन लोगों जमा एफडी की मियाद पूरी हो गई है वह लोग हमारे साथ अक्सर गाली गलौज करते हैं और मारते-पीटते हैं। बहुत से लोग ऐसे हैं जो अपनी संपत्ति बेचकर या ब्याज पर रुपये लेकर लोगों का भुगतान कर रहे हैं।
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रविवार को अपने आवास पर प्रेसवार्ता में पूर्व विधायक ने बताया कि मऊ के कैलवर खालसा गांव के दो व्यक्तियों ने 2011 में प्राइवेट कंपनी शुरू की। इसकी शाखा आजमगढ़ समेत जौनपुर, वाराणसी में भी खोली और काम के लिए एजेंट्स नियुक्त किया। उन्होंने लोगों से आरडी और एफडी के जरिये धन जमा कराना शुरू किया। कंपनी ने साढ़े चार साल में पैसा दोगुना करने का दावा किया। जब एफडी की मियाद पूरी होने का समय आया तो कंपनी सब कुछ समेट कर 2016 में फरार हो गई। एजेंटों ने जब कंपनी के लोगों को पकड़ा तो उन्होंने लोगों के पैसे लौटाने का आश्वासन दिया लेकिन धीरे धीरे तीन साल बीत गए और पैसे नहीं मिले। पूर्व विधायक ने बताया कि अब ये दोनों जालसाज अपनी पत्नियों के नाम से पंजीकरण कराकर दूसरी फर्म खोल ली है। बताया कि इस संबंध में वह स्वयं सोमवार को डीएम और एसपी से मुलाकात करेंगे और उनसे दोषियों के लिए कार्रवाई की मांग करेंगे। कंपनी में एजेंट का कार्य करने वाले करूणाकर प्रसाद, राधेश्याम, विश्राम मौर्या, गुलाबचंद, रमाशंकर आदि ने बताया कि कंपनी खोलने वालों ने करीब 75 करोड़ रुपये का गोलमाल किया है। जिन लोगों जमा एफडी की मियाद पूरी हो गई है वह लोग हमारे साथ अक्सर गाली गलौज करते हैं और मारते-पीटते हैं। बहुत से लोग ऐसे हैं जो अपनी संपत्ति बेचकर या ब्याज पर रुपये लेकर लोगों का भुगतान कर रहे हैं।
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