{"_id":"5c17ea6bbdec225715597a28","slug":"141545071211-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दरोगा से रंगदारी मांगने वाला गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दरोगा से रंगदारी मांगने वाला गिरफ्तार
Updated Tue, 18 Dec 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। तीन दिन पूर्व फूलपुर कोतवाल के सीयूजी नंबर पर फोन कर 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले पशु तस्कर इसराख उर्फ जावेद को फूलपुर और प्रतापगढ़ जिले के जेठवारा थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से गिरफ्तार कर लिया। वह प्रतापगढ़ में शरण लेकर छिपा हुआ था। पूछताछ के दौरान बदमाश ने बताया कि वह फूलपुर कोतवाली के पूर्व कोतवाल को समझकर धमकी देते हुए रंगदारी मांगा था। क्योंकि वे पशु तस्करी कराने के बदले में रिश्वत लेते थे। गिरफ्तारी प्रतापगढ़ जिले में होने की वजह से वहां की पुलिस ने केस दर्ज कर चालान कर दिया। आजमगढ़ की पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी इसराख उर्फ जावेद उर्फ काले खां पुत्र इसरार उर्फ मूसू खां है। वह फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के नेवादा गांव का निवासी है। प्रतापगढ़ जिले के जेठवारा थाना क्षेत्र के चमरुपुर गांव निवासी रामाश्रय के मकान को किराए पर लेकर रहता है। एसपी ग्रामीण के मुताबिक 14 दिसंबर को फूलपुर कोतवाल नागेश उपाध्याय छुट्टी पर थे। इस दौरान दरोगा जितेंद्र राय के पास कोतवाली का चार्ज था। इसी दिन दोपहर को कोतवाल के सरकारी नंबर पर फोन आया। फोन करने वाले ने 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। साथ ही रुपये न देने पर पिकअप चढ़ाकर हत्या करने की धमकी दी। दरोगा से रंगदारी मांगे जाने से हड़कंप मच गया। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई। सर्विलांस सहित अन्य संसाधनों के जरिए रविवार की रात को इसराख का लोकेशन प्रतापगढ़ जिले के जेठवारा थाना क्षेत्र में मिला। बदमाश का लोकेशन मिलते ही कोतवाल फूलपुर नागेश उपाध्याय अपनी टीम के साथ उसे गिरफ्तार करने जेठवारा पहुंचे। पुलिस जैसे ही उसे पकडने के लिए घेराबंदी करने लगी। तभी इसराख पुलिसपार्टी पर फायरकर भागने लगा। एसओ जेठवारा मनीष पांडेय के सहयोग से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान इसराख ने बताया कि पशु तस्करी कराने के एवज में फूलपुर कोतवाली के एक पूर्व कोतवाल अच्छीखासी रिश्वत लेते थे। जहानागंज थाने के बजहां पुल के पास हुए एनकाउंटर में इसराख के गिरोह के सरगना शेराज और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया गया। सरगना की गिरफ्तारी से इसराख बौखला गया और फोन कर कोतवाल को धमकी देते हुए रंगदारी मांगा। एसपी ग्रामीण ने बताया कि इसराख को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इस दौरान और भी कई चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी इसराख उर्फ जावेद उर्फ काले खां पुत्र इसरार उर्फ मूसू खां है। वह फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के नेवादा गांव का निवासी है। प्रतापगढ़ जिले के जेठवारा थाना क्षेत्र के चमरुपुर गांव निवासी रामाश्रय के मकान को किराए पर लेकर रहता है। एसपी ग्रामीण के मुताबिक 14 दिसंबर को फूलपुर कोतवाल नागेश उपाध्याय छुट्टी पर थे। इस दौरान दरोगा जितेंद्र राय के पास कोतवाली का चार्ज था। इसी दिन दोपहर को कोतवाल के सरकारी नंबर पर फोन आया। फोन करने वाले ने 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। साथ ही रुपये न देने पर पिकअप चढ़ाकर हत्या करने की धमकी दी। दरोगा से रंगदारी मांगे जाने से हड़कंप मच गया। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई। सर्विलांस सहित अन्य संसाधनों के जरिए रविवार की रात को इसराख का लोकेशन प्रतापगढ़ जिले के जेठवारा थाना क्षेत्र में मिला। बदमाश का लोकेशन मिलते ही कोतवाल फूलपुर नागेश उपाध्याय अपनी टीम के साथ उसे गिरफ्तार करने जेठवारा पहुंचे। पुलिस जैसे ही उसे पकडने के लिए घेराबंदी करने लगी। तभी इसराख पुलिसपार्टी पर फायरकर भागने लगा। एसओ जेठवारा मनीष पांडेय के सहयोग से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान इसराख ने बताया कि पशु तस्करी कराने के एवज में फूलपुर कोतवाली के एक पूर्व कोतवाल अच्छीखासी रिश्वत लेते थे। जहानागंज थाने के बजहां पुल के पास हुए एनकाउंटर में इसराख के गिरोह के सरगना शेराज और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया गया। सरगना की गिरफ्तारी से इसराख बौखला गया और फोन कर कोतवाल को धमकी देते हुए रंगदारी मांगा। एसपी ग्रामीण ने बताया कि इसराख को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इस दौरान और भी कई चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन