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अवैध संबंध के चलते हुई सुनील की हत्या
Updated Wed, 02 May 2018 12:08 AM IST
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सिधारी थाना क्षेत्र के रहने वाले सुनील साहनी की हत्या अवैध संबंध के चलते की गई थी। हालांकि अभी तक सुनील की लाश नहीं मिली है, लेकिन गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान ना केवल अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। बल्कि पूरा घटनाक्रम भी बयां कर दिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस मऊ जिले के दोहरीघाट में घाघरा नदी की खाक छानी, पर सुनील की लाश कहीं नहीं मिली। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों का चालान कर दिया। शेष अन्य की तलाश में जुटी हुई है।
सीओसिटी सच्चिदानंद के मुताबिक सिधारी थाना क्षेत्र के परशुराम साहनी ने 25 अप्रैल को थाने में अपने बेटे सुनील की गुमशुदगी लिखवाई थी। साथ ही अपने पड़ोसी ओमप्रकाश, कैलाश, विकास, उत्तम, पूनम पर शक जाहिर किया था। परशुराम का आरोप था कि यह लोग साजिश के तहत उसके शादी शुदा बेटे सुनील को कहीं गायब कर दिए हैं। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल में जुट गई। आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो ओमप्रकाश ने पूरा घटनाक्रम बयां कर दिया। ओमप्रकाश के मुताबिक सुनील उसका पड़ोसी था। रिश्ते में वह उसका भाई लगता था। सुनील का ओमप्रकाश की बेटी पूनम से अवैध संबंध था। दो बच्चों के पिता सुनील को कई बार समझाया गया, लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। 24 अप्रैल की रात घर में घुसकर उसकी बेटी से संबंध बना रहा था। यह पूरा घटनाक्रम ओमप्रकाश का बेटा विकास अपनी आखों से देखा और परिवारवालों को जानकारी दी। इज्जत के साथ खिलावड़ करने वाले सुनील का का लोगों ने गला घोंटकर हत्या कर दिया। इसके बाद उसकी लाश को मऊ जिले के दोहरीघाट पुल से घाघरा नदी में फेंक दिया। सीओ ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस सुनील की लाश की तलाश में नदी का कई दिनों तक खाक छाना, पर लाश नहीं मिली। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकर लिया। सीओ ने बताया कि गिरफ्तार ओमप्रकाश, विकास का चालान कर दिया गया। अन्य की तलाश की जा रही है।
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सीओसिटी सच्चिदानंद के मुताबिक सिधारी थाना क्षेत्र के परशुराम साहनी ने 25 अप्रैल को थाने में अपने बेटे सुनील की गुमशुदगी लिखवाई थी। साथ ही अपने पड़ोसी ओमप्रकाश, कैलाश, विकास, उत्तम, पूनम पर शक जाहिर किया था। परशुराम का आरोप था कि यह लोग साजिश के तहत उसके शादी शुदा बेटे सुनील को कहीं गायब कर दिए हैं। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल में जुट गई। आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो ओमप्रकाश ने पूरा घटनाक्रम बयां कर दिया। ओमप्रकाश के मुताबिक सुनील उसका पड़ोसी था। रिश्ते में वह उसका भाई लगता था। सुनील का ओमप्रकाश की बेटी पूनम से अवैध संबंध था। दो बच्चों के पिता सुनील को कई बार समझाया गया, लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। 24 अप्रैल की रात घर में घुसकर उसकी बेटी से संबंध बना रहा था। यह पूरा घटनाक्रम ओमप्रकाश का बेटा विकास अपनी आखों से देखा और परिवारवालों को जानकारी दी। इज्जत के साथ खिलावड़ करने वाले सुनील का का लोगों ने गला घोंटकर हत्या कर दिया। इसके बाद उसकी लाश को मऊ जिले के दोहरीघाट पुल से घाघरा नदी में फेंक दिया। सीओ ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस सुनील की लाश की तलाश में नदी का कई दिनों तक खाक छाना, पर लाश नहीं मिली। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकर लिया। सीओ ने बताया कि गिरफ्तार ओमप्रकाश, विकास का चालान कर दिया गया। अन्य की तलाश की जा रही है।
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