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हाईवे से सटी जमीन के अभिलेखों में की हेराफेरी
Updated Wed, 18 Apr 2018 12:16 AM IST
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आजमगढ़। जनपद में सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जे को हटाने के क्रम में निजामाबाद तहसील के मनरा गांव में भी बाल निकालने की जमीन पर अभिलेखों में हेराफेरी कर नाम दर्ज कराने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में जांच के बाद बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है।
निजामाबाद तहसील के मनरा गांव में .580 हेक्टेअर बाल निकालने की भूमि पर गांव के ही शिवनंदन पुत्र सिधारी ने अभिलेखों में हेराफेरी कर अपना नाम दर्ज करा लिया। शिकायत के बाद जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया गया। जिलाधिकारी ने उक्त मामले की जांच बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को सौंपी। जांच में एसओसी ने पाया कि फर्जी तरीके से अभिलेखों में हेराफेरी कर शिवनंदन पुत्र सिधारी का नाम दर्ज किया गया है। उन्होंने अभिलेखों से शिवनंदन का नाम निरस्त कर जमीन को ग्राम सभा के खाते में दर्ज करने की संस्तुति के साथ जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। चूंकि उक्त जमीन हाइवे से सटी है इसलिए इस जमीन की अहमियत काफी बढ़ गई है।
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निजामाबाद तहसील के मनरा गांव में .580 हेक्टेअर बाल निकालने की भूमि पर गांव के ही शिवनंदन पुत्र सिधारी ने अभिलेखों में हेराफेरी कर अपना नाम दर्ज करा लिया। शिकायत के बाद जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया गया। जिलाधिकारी ने उक्त मामले की जांच बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को सौंपी। जांच में एसओसी ने पाया कि फर्जी तरीके से अभिलेखों में हेराफेरी कर शिवनंदन पुत्र सिधारी का नाम दर्ज किया गया है। उन्होंने अभिलेखों से शिवनंदन का नाम निरस्त कर जमीन को ग्राम सभा के खाते में दर्ज करने की संस्तुति के साथ जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। चूंकि उक्त जमीन हाइवे से सटी है इसलिए इस जमीन की अहमियत काफी बढ़ गई है।
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