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सार्वजनिक पोखरे से बेच दी गई लाखों की मछलियां
Updated Sat, 02 Dec 2017 12:18 AM IST
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आजमगढ़। निकाय चुनाव में जहां अधिकारी और जनता व्यस्त रहे। वहीं इसका फायदा उठाते हुए मनबढ़ों ने मुबारकपुर थाने के ठीक सामने स्थित सार्वजनिक पोखरे से लाखों रुपये मूल्य की मछलियां निकालकर उन्हें बेच दिया गया। इस पोखरे से मछली मारने के लिए ईओ की तरफ से कोई अनुमति नहीं दी गई थी। ऐसे में लोगों ने पुलिस पर मिली भगत का आरोप लगाया।
मुबारकपुर थाना के ठीक सामने सार्वजनिक पोखरा स्थित है। मुबारकपुर नगर पालिका प्रशासन की तरफ से एक वर्ष पूर्व लाखों रुपये खर्च करके उसका सौंदर्यीकरण कराया था। पोखरे में अधिक पानी होने की वजह से उसमें कई अलग-अलग किस्म की मछलियां छोड़ी गई थी। इसके पीछे नपा प्रशासन का तर्क था कि इस पोखरे में पाली गई मछलियां जिस समय बेची जाएंगी। उस दौरान मिलने वाली पूरी रकम पोखरे के रखरखाव और सौंदर्यीकरण में खर्च किया जाएगा। नपा प्रशासन पोखरे की व्यवस्था में सुधार कर पाता कि उससे पहले ही निकाय चुनाव की घोषणा हो जाने की वजह से मामला ठप हो गया। लोगों का ध्यान पोखरे के सौंदर्यीकरण की बजाय निकाय चुनाव की तरफ चला गया। इसका फायदा उठाते हुए क्षेत्र के मनबढ़ किस्म के लोग पुलिस की मिली भगत से पोखरे में पाली गई लाखों रुपये मूल्य की मछलियों को निकालकर बेच दिया। जिस समय पोखरे से मछलियां निकालकर बेची जा रही थी। उस समय स्थानीय लोगों ने थाने में शिकायत की तो पुलिस ने जवाब दिया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मछलियां बेची गई हैं। जबकि हकीकत में किसी भी अधिकारी ने मछली मारने के लिए कोई आदेश नहीं दिया है। कस्बे के लोगों ने स्थानीय पुलिस पर मिली भगत का आरोप लगाया। मुबारकपुर नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी प्रतिभा सिंह ने बताया कि सार्वजनिक पोखरे से मछली मारने के लिए हमारे तरफ से कोई आदेश नहीं दिया गया है। बावजूद इसके यदि मछलियां निकाली गई है तो इसकी जांच कराकर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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मुबारकपुर थाना के ठीक सामने सार्वजनिक पोखरा स्थित है। मुबारकपुर नगर पालिका प्रशासन की तरफ से एक वर्ष पूर्व लाखों रुपये खर्च करके उसका सौंदर्यीकरण कराया था। पोखरे में अधिक पानी होने की वजह से उसमें कई अलग-अलग किस्म की मछलियां छोड़ी गई थी। इसके पीछे नपा प्रशासन का तर्क था कि इस पोखरे में पाली गई मछलियां जिस समय बेची जाएंगी। उस दौरान मिलने वाली पूरी रकम पोखरे के रखरखाव और सौंदर्यीकरण में खर्च किया जाएगा। नपा प्रशासन पोखरे की व्यवस्था में सुधार कर पाता कि उससे पहले ही निकाय चुनाव की घोषणा हो जाने की वजह से मामला ठप हो गया। लोगों का ध्यान पोखरे के सौंदर्यीकरण की बजाय निकाय चुनाव की तरफ चला गया। इसका फायदा उठाते हुए क्षेत्र के मनबढ़ किस्म के लोग पुलिस की मिली भगत से पोखरे में पाली गई लाखों रुपये मूल्य की मछलियों को निकालकर बेच दिया। जिस समय पोखरे से मछलियां निकालकर बेची जा रही थी। उस समय स्थानीय लोगों ने थाने में शिकायत की तो पुलिस ने जवाब दिया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मछलियां बेची गई हैं। जबकि हकीकत में किसी भी अधिकारी ने मछली मारने के लिए कोई आदेश नहीं दिया है। कस्बे के लोगों ने स्थानीय पुलिस पर मिली भगत का आरोप लगाया। मुबारकपुर नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी प्रतिभा सिंह ने बताया कि सार्वजनिक पोखरे से मछली मारने के लिए हमारे तरफ से कोई आदेश नहीं दिया गया है। बावजूद इसके यदि मछलियां निकाली गई है तो इसकी जांच कराकर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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