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अभी भी दहशत के साए में जी रहे चकमेउवा के लोग

Fri, 22 Dec 2017 11:37 PM IST
Updated Fri, 22 Dec 2017 11:37 PM IST
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अभी भी दहशत के साए में जी रहे चकमेउवा के लोग
आजमगढ़। रानी की सराय थाना क्षेत्र के चकमेउवा गांव में गत दिनों कोटे के विवाद में गत दिनों मनबढ़ों ने पीट पीटकर दो लोगों की हत्या कर दी। साथ ही एक डाक्टर को घायल कर दिया था। सघन इलाज के बाद डाक्टर की हालत में सुधार तो हो गया। लेकिन भय के चलते वह घर से बाहर नहीं निकल पा रहा। सुरक्षा की दृष्टि से घर पर कुछ दिन के लिए फोर्स लगाई गई थी। लेकिन सिपाहियों को हटा लिया गया। प्रशासन ने शस्त्र लाइसेंस देने का वादा किया था। लेकिन अभी मामला फाइलों में अटका पड़ा है।
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रानी की सराय थाना क्षेत्र के चकमेउवा गांव में यादव और चौहान बिरादरी के बीच कोटे का विवाद चल रहा था। 28 मई की रात इसी विवाद के चलते गांव के मनबढ़ों ने पीट-पीटकर होम्योपैथ के डाक्टर सुदर्शन चौहान और मुन्नीलाल की पीट-पीटकर हत्या कर दी। जबकि सुदर्शन का भतीजा दांत का डाक्टर राजू चौहान को घायल कर दिया। सघन इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। कोटे के विवाद के लिए दो लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर देने के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने का निर्देश दिया। घटना के कुछ दिनों बात तक गांव में सुरक्षा की दृष्टि से फोर्स तो तैनात रही। लेकिन बाद मेें सिपाहियों को हटा लिया गया। उधर सघन इलाज के बाद डाक्टर राजू चौहान अपने घर तो आ गया। लेकिन भय और दहशत के चलते वह घर से बाहर नहीं निकल रहा। कैबिनेट मंत्री और अधिकारियों की तरफ से शस्त्र लाइसेंस देने का किया गया वादा भी अभी पूरा नहीं हो सका। मामला फाइलों में उलझकर रह गया है। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि राजू सहित अन्य लोगों को शस्त्र लाइसेंस जारी करने के लिए पुलिस ने रिपोर्ट लगाकर डीएम आफिस में भेज दी। जल्द ही लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।
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