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Azamgarh News: चकबंदी अधिकारियों पर पक्षपात और धन के आधार पर काम करने का आरोप
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अहरौला। गहजी गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर किसानों के बढ़ते आक्रोश के बीच रविवार को डीडीसी चकबंदी रामकिशोर खुद गांव पहुंचे। डीडीसी ने प्राथमिक विद्यालय भकुही परिसर में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान किसानों ने चकबंदी अधिकारियों पर पक्षपात और धन के आधार पर काम करने के गंभीर आरोप लगाए।
किसानों का आरोप था कि कई बार शिकायतों के बावजूद कोई समाधान नहीं हो रहा, जिससे गांव में असंतोष व्याप्त है। चकबंदी चौपाल में प्रमोद चौबे, बेचू सिंह, गया प्रसाद, शिवदास प्रजापति, संजय सिंह, सुरेश यादव, सुनील यादव, पूर्व प्रधान सुरेन्द्र सिंह सहित कई किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं। गया प्रसाद व शिवदास प्रजापति ने आरोप लगाया कि उनके पक्के मकान पर किसी अन्य का चक बैठा दिया गया है।
कुछ किसानों ने बताया कि चक मार्ग को बदलकर दूसरी दिशा में कर दिया गया, जिससे उनकी खेती प्रभावित हो रही है। अन्य लोगों ने शिकायत की कि सड़क की भूमि पर गलत तरीके से चक आवंटित कर दिया गया। शिकायतों के बीच किसी मुद्दे को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। तीखी नोकझोंक के दौरान कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई, लेकिन प्रशासन की तत्परता से मामला शांत कराया गया।
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डीडीसी चकबंदी रामकिशोर ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि चकबंदी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। कोई भी व्यक्ति अन्याय का शिकार नहीं होगा। आज हम आपकी शिकायतें सुनने के लिए ही गांव आए हैं, हर जायज शिकायत का समाधान किया जाएगा। इस मौके पर एसओसी लालता प्रसाद, एसीओ राधेश्याम, राजस्व निरीक्षक राधारमन दीक्षित और भू निरीक्षक सतीश सिंह सहित चकबंदी विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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किसानों का आरोप था कि कई बार शिकायतों के बावजूद कोई समाधान नहीं हो रहा, जिससे गांव में असंतोष व्याप्त है। चकबंदी चौपाल में प्रमोद चौबे, बेचू सिंह, गया प्रसाद, शिवदास प्रजापति, संजय सिंह, सुरेश यादव, सुनील यादव, पूर्व प्रधान सुरेन्द्र सिंह सहित कई किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं। गया प्रसाद व शिवदास प्रजापति ने आरोप लगाया कि उनके पक्के मकान पर किसी अन्य का चक बैठा दिया गया है।
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कुछ किसानों ने बताया कि चक मार्ग को बदलकर दूसरी दिशा में कर दिया गया, जिससे उनकी खेती प्रभावित हो रही है। अन्य लोगों ने शिकायत की कि सड़क की भूमि पर गलत तरीके से चक आवंटित कर दिया गया। शिकायतों के बीच किसी मुद्दे को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। तीखी नोकझोंक के दौरान कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई, लेकिन प्रशासन की तत्परता से मामला शांत कराया गया।
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डीडीसी चकबंदी रामकिशोर ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि चकबंदी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। कोई भी व्यक्ति अन्याय का शिकार नहीं होगा। आज हम आपकी शिकायतें सुनने के लिए ही गांव आए हैं, हर जायज शिकायत का समाधान किया जाएगा। इस मौके पर एसओसी लालता प्रसाद, एसीओ राधेश्याम, राजस्व निरीक्षक राधारमन दीक्षित और भू निरीक्षक सतीश सिंह सहित चकबंदी विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।