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500 बेड व 110 वेंटिलेटर संग तीसरी लहर से निपटने मुकम्मल तैयारी
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कोरोना के नए ओमिक्रान वैरियंट ने दुनिया में खलबली मचा दी है। भारत में इसका संक्रमण बढ़ने लगा है। इसको देखते हुए तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। एक से तीन स्तर (लेवल वन से थ्री) तक के अस्पताल चिह्नित किए गए हैं। इनमें पांच सौ बेड और 110 वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई है।
जिले में कोरोना के कोई मरीज नहीं है लेकिन लखनऊ में 19 मरीजों के मिलने के बाद जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग को तीसरी लहर से मुकाबले को लेकर अलर्ट कर दिया गया है। सीएमओ डॉ. आईएन तिवारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तीसरी लहर से निपटने को तैयार है। 100 शैया अस्पताल तरवां, 100 शैया अस्पताल लालगंज को लेबल वन के कोविड मरीजों के लिए आरक्षित किया गया है जबकि सीएचसी कोल्हूखोर व लाटघाट में 30-30 बेड की व्यवस्था की गई है। लेबल टू के रूप में 100 शैया अतरौलिया अस्पताल को आरक्षित किया गया है। विदेश से आने वाले कोरोना पॉजिटिव मरीजों को रखने के लिए इस अस्पताल में एक पूरा वार्ड आरक्षित किया गया है। सभी बेड तक आक्सीजन की व्यवस्था है। अतरौलिया अस्पताल पर चार वेंटिलेटर की भी व्यवस्था है। इसके अलावा पांच व 10 लीटर के ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर भी पर्याप्त संख्या में स्वास्थ्य विभाग के पास उपलब्ध है।
लेवल थ्री अस्पताल के रूप में राजकीय मेडिकल कालेज को चिह्नित किया है। यहां 300 बेड की व्यवस्था है, जिसे आपात स्थिति में 500 तक बढ़ाया जा सकता है। नोडल अधिकारी डॉ. नियाज हसन ने बताया कि कोरोना के तीसरी लहर को देखते हुए मेडिकल कालेज में फिलहाल 30 बेड का ओमिक्रान वार्ड बनाया गया है जो आईसीयू स्तर का है। ओमिक्रान वार्ड के लिए 70 और बेड सुरक्षित रखे गए हैं। यहां 105 वेंटिलेटर, दो ऑक्सीजन प्लांट हैं।
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सीएमओ डॉ. आईएन तिवारी ने बताया कि फिलहाल जिले में कोरोना का कोई मरीज नहीं है। तीसरी लहर को देखते हुए विदेश से आने वालों पर नजर रखी जा रही है। ओमिक्रान प्रभावित देशों से जिले में अब तक 40 लोग आए हैं, जिन्हें चिह्नित करने के साथ ही उनकी जांच करा ली गई है। उनको होम क्वारंटीन किया गया है। एक दिसंबर से अब तक विदेश से 100 लोग आए हैं, जिनकी जांच कराई जा चुकी है।
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जिले में कोरोना के कोई मरीज नहीं है लेकिन लखनऊ में 19 मरीजों के मिलने के बाद जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग को तीसरी लहर से मुकाबले को लेकर अलर्ट कर दिया गया है। सीएमओ डॉ. आईएन तिवारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तीसरी लहर से निपटने को तैयार है। 100 शैया अस्पताल तरवां, 100 शैया अस्पताल लालगंज को लेबल वन के कोविड मरीजों के लिए आरक्षित किया गया है जबकि सीएचसी कोल्हूखोर व लाटघाट में 30-30 बेड की व्यवस्था की गई है। लेबल टू के रूप में 100 शैया अतरौलिया अस्पताल को आरक्षित किया गया है। विदेश से आने वाले कोरोना पॉजिटिव मरीजों को रखने के लिए इस अस्पताल में एक पूरा वार्ड आरक्षित किया गया है। सभी बेड तक आक्सीजन की व्यवस्था है। अतरौलिया अस्पताल पर चार वेंटिलेटर की भी व्यवस्था है। इसके अलावा पांच व 10 लीटर के ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर भी पर्याप्त संख्या में स्वास्थ्य विभाग के पास उपलब्ध है।
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लेवल थ्री अस्पताल के रूप में राजकीय मेडिकल कालेज को चिह्नित किया है। यहां 300 बेड की व्यवस्था है, जिसे आपात स्थिति में 500 तक बढ़ाया जा सकता है। नोडल अधिकारी डॉ. नियाज हसन ने बताया कि कोरोना के तीसरी लहर को देखते हुए मेडिकल कालेज में फिलहाल 30 बेड का ओमिक्रान वार्ड बनाया गया है जो आईसीयू स्तर का है। ओमिक्रान वार्ड के लिए 70 और बेड सुरक्षित रखे गए हैं। यहां 105 वेंटिलेटर, दो ऑक्सीजन प्लांट हैं।
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सीएमओ डॉ. आईएन तिवारी ने बताया कि फिलहाल जिले में कोरोना का कोई मरीज नहीं है। तीसरी लहर को देखते हुए विदेश से आने वालों पर नजर रखी जा रही है। ओमिक्रान प्रभावित देशों से जिले में अब तक 40 लोग आए हैं, जिन्हें चिह्नित करने के साथ ही उनकी जांच करा ली गई है। उनको होम क्वारंटीन किया गया है। एक दिसंबर से अब तक विदेश से 100 लोग आए हैं, जिनकी जांच कराई जा चुकी है।