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Azamgarh News: मुठभेड़ मामले में मानवाधिकार आयोग से शिकायत
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आजमगढ़। कंधरापुर थाना क्षेत्र सेहदा टोल प्लाजा के पास हुई मुठभेड़ के मामले में इमरजेंसी में तैनात डाॅक्टर के लगाए आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने इसे फर्जी मुठभेड़ करार देते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को औपचारिक शिकायत भेजी है। उन्होंने घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत में उन्होंने बताया कि कि 30 नवंबर की सुबह आजमगढ़ जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. महेंद्र कुमार के पास पुलिस परवेज निवासी पटैला, थाना खुटहन, जौनपुर को लेकर पहुंची। पुलिस ने कहा कि यह व्यक्ति सड़क हादसे में जख्मी हुआ है।
मेडिकल जांच के दौरान डॉ. महेंद्र को परवेज की दाईं कमर पर दो गोली लगने के निशान मिले। इसके बाद डॉक्टर पर मेडिकल रिपोर्ट बदलने का कथित दबाव बनाया गया। डॉक्टर ने मानने से इन्कार कर दिया। अमिताभ ठाकुर के अनुसार, इसके बाद पुलिस ने अपना बयान बदला और एक प्रेस नोट जारी कर परवेज को अंतरजनपदीय अपराधी व पशु तस्कर बताते हुए मुठभेड़ में गोली लगने की बात कही। पुलिस ने 2–3 गोलियां लगने का दावा करते हुए 18 पशुओं की बरामदगी, एक पिस्टल, कारतूस और खोखा मिलने की जानकारी दी।
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सरकारी डॉक्टर के प्रारंभिक बयान को आधार बनाते हुए अमिताभ ठाकुर ने इस पूरी घटना को प्रथमदृष्टया फर्जी मुठभेड़ करार दिया और मानवाधिकार आयोग से विस्तृत जांच कराने की मांग की है।
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शिकायत में उन्होंने बताया कि कि 30 नवंबर की सुबह आजमगढ़ जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. महेंद्र कुमार के पास पुलिस परवेज निवासी पटैला, थाना खुटहन, जौनपुर को लेकर पहुंची। पुलिस ने कहा कि यह व्यक्ति सड़क हादसे में जख्मी हुआ है।
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मेडिकल जांच के दौरान डॉ. महेंद्र को परवेज की दाईं कमर पर दो गोली लगने के निशान मिले। इसके बाद डॉक्टर पर मेडिकल रिपोर्ट बदलने का कथित दबाव बनाया गया। डॉक्टर ने मानने से इन्कार कर दिया। अमिताभ ठाकुर के अनुसार, इसके बाद पुलिस ने अपना बयान बदला और एक प्रेस नोट जारी कर परवेज को अंतरजनपदीय अपराधी व पशु तस्कर बताते हुए मुठभेड़ में गोली लगने की बात कही। पुलिस ने 2–3 गोलियां लगने का दावा करते हुए 18 पशुओं की बरामदगी, एक पिस्टल, कारतूस और खोखा मिलने की जानकारी दी।
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सरकारी डॉक्टर के प्रारंभिक बयान को आधार बनाते हुए अमिताभ ठाकुर ने इस पूरी घटना को प्रथमदृष्टया फर्जी मुठभेड़ करार दिया और मानवाधिकार आयोग से विस्तृत जांच कराने की मांग की है।