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पूर्वांचल विकास और सांसद निधि के अधीरे कार्रवाई पर जताई नाराजगी
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आजमगढ़। कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने पूर्वांचल विकास निधि और सांसद निधि से इस वर्ष के प्रस्ताव तत्काल भेजने के निर्देश दिए हैं। ताकि समय से धनराशि प्राप्त कर कार्य कराया जा सके। कमिश्नर कार्यालय सभागार में वो पूर्वांचल विकास निधि और सांसद निधि के तहत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा कर रही थीं।
बलिया में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के पास कई कार्य अपूर्ण पाए गए। एक्सईएन ने बताया कि प्रथम किस्त का इस्तेमाल कर दूसरे किस्त की डिमांड भेजी जा चुकी है। डीआरडीए ने किस्त की धनराशि नहीं दी है। कमिश्नर ने डिमांड लंबित रखने पर संबंधित का उत्तरादायित्व निर्धारित करते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश डीएम को दिए। सभी परियोजना निदेशक को निर्देश दिए कि डिमांड आने पर कार्य का तुरंत सत्यापन कराया जाए। अगली किस्त की धनराशि की प्रतीक्षा नहीं होनी चाहिए।
पूर्वांचल विकास निधि से वर्ष 2018-19 के आजमगढ़ में नौ, बलिया में 26 कार्य, वर्ष2017-18 में आजमगढ़ का एक कार्य अपूर्ण हैं। सांसद निधि के तहत वर्ष 2014-15 से अब तक आजमगढ़ में 105 और बलिया में 222 कार्य पूर्ण कराया जाना शेष है। धनराशि की अनुपलब्धता के कारण कार्य बाधित था, अब धनराशि मिल चुकी है और कार्य प्रगति पर है। कमिश्नर ने कहा कि गुणवत्ता उच्च कोटि की होनी चाहिए। जांच मंडल स्तर से कराई जाएगी। बलिया में आरईएस के स्तर पर सात कार्य अनारंभ पाए जाने पर बताया गया कि कई बार टेंडर कराए जाने के बावजूद कार्रवाई पूरी नहीं हुई। संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या अमजद अली अन्सारी,लोनिवि के एसई आरएन दास और एके मणि, परियोजना निदेशक एके सिंह, डीएन दुबे, एक्सईएन आरईएस जेएन श्रीवास्तव और मजहर हुसैन उपस्थित थे।
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बलिया में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के पास कई कार्य अपूर्ण पाए गए। एक्सईएन ने बताया कि प्रथम किस्त का इस्तेमाल कर दूसरे किस्त की डिमांड भेजी जा चुकी है। डीआरडीए ने किस्त की धनराशि नहीं दी है। कमिश्नर ने डिमांड लंबित रखने पर संबंधित का उत्तरादायित्व निर्धारित करते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश डीएम को दिए। सभी परियोजना निदेशक को निर्देश दिए कि डिमांड आने पर कार्य का तुरंत सत्यापन कराया जाए। अगली किस्त की धनराशि की प्रतीक्षा नहीं होनी चाहिए।
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पूर्वांचल विकास निधि से वर्ष 2018-19 के आजमगढ़ में नौ, बलिया में 26 कार्य, वर्ष2017-18 में आजमगढ़ का एक कार्य अपूर्ण हैं। सांसद निधि के तहत वर्ष 2014-15 से अब तक आजमगढ़ में 105 और बलिया में 222 कार्य पूर्ण कराया जाना शेष है। धनराशि की अनुपलब्धता के कारण कार्य बाधित था, अब धनराशि मिल चुकी है और कार्य प्रगति पर है। कमिश्नर ने कहा कि गुणवत्ता उच्च कोटि की होनी चाहिए। जांच मंडल स्तर से कराई जाएगी। बलिया में आरईएस के स्तर पर सात कार्य अनारंभ पाए जाने पर बताया गया कि कई बार टेंडर कराए जाने के बावजूद कार्रवाई पूरी नहीं हुई। संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या अमजद अली अन्सारी,लोनिवि के एसई आरएन दास और एके मणि, परियोजना निदेशक एके सिंह, डीएन दुबे, एक्सईएन आरईएस जेएन श्रीवास्तव और मजहर हुसैन उपस्थित थे।
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