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डीएम की दखल पर शुरू हुआ कुपोषित बच्चों का इलाज
आजमगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Aug 2017 11:32 PM IST
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तहसील स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर छह कुपोषित बच्चों का इलाज तीन दिन से नहीं हो रहा था। इन बच्चों को जिला अस्पताल स्थित एनआईसी सेंटर में भर्ती किया जाना था लेकिन स्वास्थ्य केंद्र से विगत तीन दिनों से एंबुलेंस न होने की बात कहकर उन्हें टरकाया जा रहा था। जब इसकी जानकारी जिलाधिकारी को हुई तो उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया। सभी दीदारगंज थाना क्षेत्र के आमगांव के निवासी हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मार्टीनगंज में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने छह कुपोषित बच्चे मिलने पर उन्हें लेकर तीन दिन से स्वास्थ्य केंद्र का चक्कर लगा रही थी। बच्चों की हालत देख स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक ने उन्हें जिला अस्पताल स्थित एनआईसी सेंटर के लिए रेफर किया था। लेकिन 108 और 102 एंबुलेंस उपलब्ध न होने के कारण दो दिन नहीं जा सके। शनिवार को जब बच्चों की हालत खराब हो गई तो परिजन उन्हें लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे । लेकिन आज भी एंबुलेंस उपलब्ध न होने का बहाना बना दिया गया। तब इसकी सूचना जिलाधिकारी को दी गई। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया। मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. धनंजय पांडेय ने 102 एंबुलेंस से नीलू पत्नी छटंकी, उसकी तीन पुत्रियों निसा, रिया और असी के साथ नीतूूू पत्नी आशीष के लड़के रामआशीष को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मार्टीनगंज में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने छह कुपोषित बच्चे मिलने पर उन्हें लेकर तीन दिन से स्वास्थ्य केंद्र का चक्कर लगा रही थी। बच्चों की हालत देख स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक ने उन्हें जिला अस्पताल स्थित एनआईसी सेंटर के लिए रेफर किया था। लेकिन 108 और 102 एंबुलेंस उपलब्ध न होने के कारण दो दिन नहीं जा सके। शनिवार को जब बच्चों की हालत खराब हो गई तो परिजन उन्हें लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे । लेकिन आज भी एंबुलेंस उपलब्ध न होने का बहाना बना दिया गया। तब इसकी सूचना जिलाधिकारी को दी गई। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया। मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. धनंजय पांडेय ने 102 एंबुलेंस से नीलू पत्नी छटंकी, उसकी तीन पुत्रियों निसा, रिया और असी के साथ नीतूूू पत्नी आशीष के लड़के रामआशीष को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा।
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