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खिराज-ए-अकीदत किया पेश
संवाददाता अंबारी/मेजवां।
Updated Fri, 04 Dec 2015 11:58 PM IST
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अजुमन हुसैनिया की तरफ से शुक्रवार को चेहल्लुम का जुलूस अंबारी गांव स्थित इमाम चौक से अकीदत के साथ निकाला गया। स्याह माहौल में अजादारों के बीच निकाले गए जूलुस में सैकड़ों की संख्या में अजादारों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान लोगों ने खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
जुलूस का आगाज कुरआन पाक की तिलावत से किया। इसके बाद अंजुमन गुंचए नासिरूल अजा बड़ागांव, जौनपुर, गुलशने अब्बास भादी, पैगामे हुसैनी तिघरा एंव मित्तूपुर की अंजुमन ने नौहा मातम पेश किया। अंजुमन पैगामे हुसैनी के हिंदू साहिबे बयाज यशंवत चौधरी ने गम भरा नौहा पेश किया तो अजादार रो पड़े। रास्ते भर अंजुमने नौहा मातम करती चल रही थी। कई स्थानों पर तकरीर आयोजित की गई। जिसमें मौलाना वसी मुहम्मद खां, मौलाना वकार, मौलाना शबीहुल हसन, मौलाना जाफरी ने मजलिस को खिताब किया। करबला में इमाम हुसैन अपने मकसद में कामयाब हुए थे। मौलाना वकार ने कहा कि इमाम हुसैन ने करबला में आतंकवाद का मुकाबला किया था। उन्होंने दहशतगर्दी को खत्म कर इस्लाम को बचाया। कहा कि इस्लाम एक शांति प्रिय मजहब है। जुलूस का समापन देर शाम करबला में किया गया। संचालन शहर अर्शी ने किया। जूलूस के साथ इमदाद, फकीर हुसैन, नबी हसन, मु. यासीन आजम, शिफत, अमीर जाफर आदि चल रहे थे।
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जुलूस का आगाज कुरआन पाक की तिलावत से किया। इसके बाद अंजुमन गुंचए नासिरूल अजा बड़ागांव, जौनपुर, गुलशने अब्बास भादी, पैगामे हुसैनी तिघरा एंव मित्तूपुर की अंजुमन ने नौहा मातम पेश किया। अंजुमन पैगामे हुसैनी के हिंदू साहिबे बयाज यशंवत चौधरी ने गम भरा नौहा पेश किया तो अजादार रो पड़े। रास्ते भर अंजुमने नौहा मातम करती चल रही थी। कई स्थानों पर तकरीर आयोजित की गई। जिसमें मौलाना वसी मुहम्मद खां, मौलाना वकार, मौलाना शबीहुल हसन, मौलाना जाफरी ने मजलिस को खिताब किया। करबला में इमाम हुसैन अपने मकसद में कामयाब हुए थे। मौलाना वकार ने कहा कि इमाम हुसैन ने करबला में आतंकवाद का मुकाबला किया था। उन्होंने दहशतगर्दी को खत्म कर इस्लाम को बचाया। कहा कि इस्लाम एक शांति प्रिय मजहब है। जुलूस का समापन देर शाम करबला में किया गया। संचालन शहर अर्शी ने किया। जूलूस के साथ इमदाद, फकीर हुसैन, नबी हसन, मु. यासीन आजम, शिफत, अमीर जाफर आदि चल रहे थे।
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