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सांप्रदायिकता के विरोधी थे चंद्रशेखर
Azamgrah
Updated Sun, 08 Jul 2018 11:45 PM IST
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पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को श्रद्वांजलि देते सपा कार्यकर्ता।
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पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुण्यतिथि सपा कार्यालय में मनाई गई। पार्टी पदाधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि चंद्रशेखर देश में सांप्रदायिकता, फासीवाद और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सख्त विरोधी थे।
समाजवाद को उन्होंने देश व दुनिया के विकास के लिए महत्वपूर्ण सिद्धांत माना। सोशलिस्ट विचारधारा के कारण हमेशा कांग्रेस के अंदर भी रहकर जनविरोधी नीतियों का विरोध करते थे। विधायक आलमबदी ने कहा कि चंद्रशेखर देश में अधिनायकवाद और सांप्रदायिकता के विरुद्ध हमेशा सड़क से लेकर सदन तक लड़ने का काम किया। विधायक नफीस अहमद ने कहा कि 1990 में जब देश में भाजपा सांप्रदायिकता का जहर बोने के लिए अयोध्या और बाबरी मस्जिद के मुद्दे को तूल दे रही थी उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का समर्थन करने वालों में चन्द्रशेखर अग्रणी थे। अध्यक्षता हवलदार यादव और संचालन हरिप्रसाद दुबे ने किया। हरिराम सिंह यादव, हरिश्चन्द्र यादव, शिवमूरत यादव महाप्रधान, वेद प्रकाश, अबरार अहमद, शंकर नेता, संतलाल विश्वकर्मा,आशा यादव, नाटे यादव, अबरार अहमद आदि रहे।
सूरज राजभर, हरेन्द्र निषाद, विनोद आदि थे।
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समाजवाद को उन्होंने देश व दुनिया के विकास के लिए महत्वपूर्ण सिद्धांत माना। सोशलिस्ट विचारधारा के कारण हमेशा कांग्रेस के अंदर भी रहकर जनविरोधी नीतियों का विरोध करते थे। विधायक आलमबदी ने कहा कि चंद्रशेखर देश में अधिनायकवाद और सांप्रदायिकता के विरुद्ध हमेशा सड़क से लेकर सदन तक लड़ने का काम किया। विधायक नफीस अहमद ने कहा कि 1990 में जब देश में भाजपा सांप्रदायिकता का जहर बोने के लिए अयोध्या और बाबरी मस्जिद के मुद्दे को तूल दे रही थी उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का समर्थन करने वालों में चन्द्रशेखर अग्रणी थे। अध्यक्षता हवलदार यादव और संचालन हरिप्रसाद दुबे ने किया। हरिराम सिंह यादव, हरिश्चन्द्र यादव, शिवमूरत यादव महाप्रधान, वेद प्रकाश, अबरार अहमद, शंकर नेता, संतलाल विश्वकर्मा,आशा यादव, नाटे यादव, अबरार अहमद आदि रहे।
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सूरज राजभर, हरेन्द्र निषाद, विनोद आदि थे।