फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Central procession of Chehlum-e-Shohada-e-Karbala; a large number of mourners participated.

Azamgarh News: चेहल्लुम-ए-शोहदाए कर्बला का मरकजी जुलूस, बड़ी संख्या में अजादारों ने की शिरकत

Fri, 07 Aug 2026 01:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 01:15 AM IST
विज्ञापन
Central procession of Chehlum-e-Shohada-e-Karbala; a large number of mourners participated.
सरायमीर में निकाले गए चेहल्लूम के जुलूस में सीना जनी करते हुए। संवाद
अंजुमन तंजीम-ए-हुसैनी के तत्वावधान में चेहल्लुम-ए-शोहदाए कर्बला और अरबईन-ए-हुसैनी के मौके पर जुलूस-ए-अजा निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अजादारों, जायरीन और अकीदतमंदों ने शिरकत की।
विज्ञापन

जुलूस से पहले चौक स्थित वक्फ इमामबाड़ा तस्कीन-ए-जैनब में मजलिस-ए-अजा आयोजित हुई, जिसमें उलमा व जाकिरीन ने वाकिया-ए-कर्बला, शहादत-ए-इमाम हुसैन और शोहदाए कर्बला की अजीम कुर्बानियों पर विस्तार से रोशनी डाली।
विज्ञापन

इब्तिदाई मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना मासूम असगर मारूफी ने कहा कि कर्बला सिर्फ तारीख का एक वाकिया नहीं, बल्कि हक और बातिल के बीच फर्क स्पष्ट करने वाला अजीम सबक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इमाम हुसैन ने अपने नाना हजरत रसूल-ए-अकरम के दीन की सरबुलंदी, अदल-ओ-इंसाफ और इंसानी कद्रों की हिफाजत के लिए अजीम कुर्बानी पेश की। मजलिस के बाद शबीहे ज़ुलजनाह, ताबूत, अलम-ए-मुबारक और ताजिया के साथ जुलूस-ए-अजा बरामद हुआ।
अजादार नौहाख्वानी और सीना-जनी करते हुए इमाम हुसैन और शोहदा-ए-कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश करते रहे। जुलूस के रास्ते में कई जगह अजादारों और जायरीन के लिए सबील, लंगर और दूसरी खिदमात का भी इंतजाम किया गया।
रौजा अली आशिकान के पास तकरीर करते हुए मौलाना कौसर रजा नकवी ने कहा कि इमाम हुसैन और उनके वफादार असहाब ने तादाद में कम होने के बावजूद ज़ुल्म व जब्र के सामने सर नहीं झुकाया। कर्बला हमें यह सबक देती है कि मुश्किल हालात में भी हक का साथ नहीं छोड़ना चाहिए और जुल्म व नाइंसाफी के खिलाफ आवाज बुलंद करनी चाहिए।
जुलूस अपने कदीम रास्तों से होता हुआ मेन रोड पर पहुंचा तो लब्बैक या हुसैन के गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। मेन रोड पर खिताब करते हुए मौलाना शारिब अब्बास ने हजरत ज़ैनब कुबरा की अजीम कुर्बानियों और किरदार पर रोशनी डाली।

जुलूस के आखिर में शोहदा-ए-कर्बला के 72 शहीदों के शबीहे ताबूत की जियारत कराई गई। जुलूस की निजामत सागर आजमी और मोहम्मद हुसैन ने अंजाम दी। आखिर में अंजुमन तंजीम-ए-हुसैनी के जिम्मेदारान ने जुलूस में शामिल तमाम अजादारों, जायरीन, अकीदतमंदों और सहयोग करने वाले सभी का शुक्रिया अदा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed