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Azamgarh News: शिक्षामित्र के हित की अनदेखी कर रही केंद्र और राज्य की सरकार
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आदर्श समायोजित शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले शुक्रवार को समस्त कर्मचारी रिक्शा स्टैंड पर धरने पर बैठे हुए थे। इस दौरान वेतन और पुरानी पेंशन समेत विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की। शिक्षामित्रों ने कहा कि केंद्र व राज्य की सरकार लगातार शिक्षामित्र के हित की अनदेखी कर रही है। कई बार वार्ता हुई लेकिन परिणाम शून्य रहा। नतीजा 23 वर्ष से शिक्षा मित्र का लगातार संघर्ष होता रहा है।
जिलामंत्री ओमप्रकाश ने कहा कि सरकार पिछले चुनावी घोषणा पत्र के वादे को पूरा करें, अन्यथा लड़ाई अब आर-पार की होगी। जिला मीडिया प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षा मित्र और उनके परिवार की दैनिक दशा को देखते हुए अविलंब समान कार्य समान वेतन व्यवस्था लागू करें। शिक्षा मित्र अब चुप बैठने वाला नहीं है। प्रांतीय उपाध्यक्ष कैलाश यादव ने कहा कि 25 जुलाई 2017 को सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षा मित्र का समायोजन अवैध करार देते हुए निरस्त कर दिया। तब से अब तक लगभग आठ हजार शिक्षा मित्रों का असामयिक निधन हो गया। उनके बेसहारा परिवारों को सरकार तत्काल आर्थिक मदद करें और उनके परिवारों को मृतक आश्रित कोटे का लाभ के प्रावधान को लागू करें। जिलाध्यक्ष हरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि हम भी 31 वर्षों से अनवरत प्राथमिक विद्यालयों के ताले खोलने से लेकर बंद करने तक अपनी जिम्मेदारी को निष्ठा पूर्वक निभाते आ रहे हैं। लेकिन सरकार ने शिक्षा मित्र के साथ हमेशा खिलवाड़ किया है। धरने में विजय बहादुर मौर्य, अजय कुमार सिंह, श्रीनिवास शुक्ला, शब्बीर अहमद, सुनील प्रजापति, अनिल दुबे, रविंद्र, कौशल, दुष्यंत, दूधनाथ, अवधेश व उपेंद्र समेत अन्य शिक्षा मित्र शामिल रहे।
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जिलामंत्री ओमप्रकाश ने कहा कि सरकार पिछले चुनावी घोषणा पत्र के वादे को पूरा करें, अन्यथा लड़ाई अब आर-पार की होगी। जिला मीडिया प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षा मित्र और उनके परिवार की दैनिक दशा को देखते हुए अविलंब समान कार्य समान वेतन व्यवस्था लागू करें। शिक्षा मित्र अब चुप बैठने वाला नहीं है। प्रांतीय उपाध्यक्ष कैलाश यादव ने कहा कि 25 जुलाई 2017 को सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षा मित्र का समायोजन अवैध करार देते हुए निरस्त कर दिया। तब से अब तक लगभग आठ हजार शिक्षा मित्रों का असामयिक निधन हो गया। उनके बेसहारा परिवारों को सरकार तत्काल आर्थिक मदद करें और उनके परिवारों को मृतक आश्रित कोटे का लाभ के प्रावधान को लागू करें। जिलाध्यक्ष हरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि हम भी 31 वर्षों से अनवरत प्राथमिक विद्यालयों के ताले खोलने से लेकर बंद करने तक अपनी जिम्मेदारी को निष्ठा पूर्वक निभाते आ रहे हैं। लेकिन सरकार ने शिक्षा मित्र के साथ हमेशा खिलवाड़ किया है। धरने में विजय बहादुर मौर्य, अजय कुमार सिंह, श्रीनिवास शुक्ला, शब्बीर अहमद, सुनील प्रजापति, अनिल दुबे, रविंद्र, कौशल, दुष्यंत, दूधनाथ, अवधेश व उपेंद्र समेत अन्य शिक्षा मित्र शामिल रहे।
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