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कतरैनिया छोड़ा 1.29 लाख क्यूसेक पानी, घाघरा उफनाई
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देवारा क्षेत्र के खास राजा में घाघरा की बाढ़ से डूबे घर।
- फोटो : AZAMGARH
लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी का क्रम निरंतर जारी है। जलस्तर में बढ़ाव के कारण 80 गांवों के किसानों की हजारों एकड़ फसल डूबकर बर्बाद हो गई है। वहीं कतरैनिया घाट से नदी में 129000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
घाघरा के जलस्तर में लगातार बढ़ाव से सगड़ी क्षेत्र के 80 गांवों के सैकड़ों किसानों की हजारों एकड़ से अधिक फसल पानी में डूबने से बर्बाद हो रही है। बीते वर्ष भी इसी सत्र में फसलों पर लगभग इसी प्रकार जल भराव का कहर बरपा था, जिससे किसान अभी उबर नहीं पाए थे कि इस बरसात ने भी उनकी फसलों को बर्बाद कर दिया है। किसानों का कहना है कि इसके पूर्व की बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा नहीं मिल पाया है। नदी के बढ़ने के कारण टेकनपुर रेगुलेटर के पास नदी का पानी आकर जमा हुआ है। यह पानी रेगुलेटर के फाटकों को बंद होने के बाद भी महुला गढ़वल बांध के दक्षिण स्थित खेतों से होता हुआ लाटघाट, घाघरा, गड़ेरुवा, बाजार गोसाईं, बनावे, चांदपट्टी आदि गांवों की उपजाऊ भूमि पर इकट्ठा हो गया है। पानी का दबाव इतना है कि खेतों में दो से चार फुट तक पानी लगा हुआ है। इस पानी में खरीफ सत्र की बोई गई मुख्य फसल मक्का तथा धान आदि के अलावा सब्जियां पूरी तरह से डूबकर कर नष्ट हो गई हैं।
घाघरा की बाढ़ से 104 गांवों की सवा लाख की आबादी प्रभावित
लाटघाट। घाघरा की बाढ़ से कुल 104 गांव के सवा लाख की आबादी प्रभावित हो रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में करीब 76000 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित होता है। तहसील प्रशासन की तरफ से 87 नांव लगाई गई है। इन गांवों के सभी संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं।
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घाघरा का जलस्तर
गेज बृहस्पतिवार शुक्रवार खतरा बिंदू
डिघिया 71.49 71.51 80.40
बदरहुंआ 72.21 72.23 71.68
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घाघरा के जलस्तर में लगातार बढ़ाव से सगड़ी क्षेत्र के 80 गांवों के सैकड़ों किसानों की हजारों एकड़ से अधिक फसल पानी में डूबने से बर्बाद हो रही है। बीते वर्ष भी इसी सत्र में फसलों पर लगभग इसी प्रकार जल भराव का कहर बरपा था, जिससे किसान अभी उबर नहीं पाए थे कि इस बरसात ने भी उनकी फसलों को बर्बाद कर दिया है। किसानों का कहना है कि इसके पूर्व की बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा नहीं मिल पाया है। नदी के बढ़ने के कारण टेकनपुर रेगुलेटर के पास नदी का पानी आकर जमा हुआ है। यह पानी रेगुलेटर के फाटकों को बंद होने के बाद भी महुला गढ़वल बांध के दक्षिण स्थित खेतों से होता हुआ लाटघाट, घाघरा, गड़ेरुवा, बाजार गोसाईं, बनावे, चांदपट्टी आदि गांवों की उपजाऊ भूमि पर इकट्ठा हो गया है। पानी का दबाव इतना है कि खेतों में दो से चार फुट तक पानी लगा हुआ है। इस पानी में खरीफ सत्र की बोई गई मुख्य फसल मक्का तथा धान आदि के अलावा सब्जियां पूरी तरह से डूबकर कर नष्ट हो गई हैं।
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घाघरा की बाढ़ से 104 गांवों की सवा लाख की आबादी प्रभावित
लाटघाट। घाघरा की बाढ़ से कुल 104 गांव के सवा लाख की आबादी प्रभावित हो रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में करीब 76000 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित होता है। तहसील प्रशासन की तरफ से 87 नांव लगाई गई है। इन गांवों के सभी संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं।
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घाघरा का जलस्तर
गेज बृहस्पतिवार शुक्रवार खतरा बिंदू
डिघिया 71.49 71.51 80.40
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