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Azamgarh : महिला समूह के नाम पर बैंक से ऋण की धोखाधड़ी का मामला, 34 पर दर्ज हुआ मुकदमा
Tue, 19 Nov 2024 11:18 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Tue, 19 Nov 2024 11:18 PM IST
सार
महिला समूह के नाम पर अस्सी लाख की धोखाधड़ी के आरोप में 34 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब मामले की तफ्तीश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि एक महिला 2011 से महिलाओं का समूह एकत्र करके संस्था चलाती थी और उसने बाद में इसी के नाम पर लोगों से संपर्क साधा और बैंक से लोने स्वीकृत कराने की बात कही। बताया जा रहा है कि लोन स्वीकृत भी हुआ लेकिन पैसे हड़प लिए गए। अब मामला पुलिस के संज्ञान में है।
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क्राइम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आजमगढ़ शहर कोतवाली पुलिस ने 80 लाख के धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई करते हुए 34 लोग खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इन पर फर्जी तरीके से लोन दिलाने के नाम पर पैसे हड़पने का आरोप है। पुलिस ने यह कार्रवाई नगर कोतवाली क्षेत्र के दलसिंगार मुहल्ला निवासिनी रागिनी कपूर पत्नी सोनू सिंह कपूर की तहरीर पर की है। रागिनी कपूर ने कोतवाली में दी गई अपनी तहरीर में पुलिस को बताया कि वह 2011 से महिलाओं का समूह एकत्र करके संस्था चलाती थी।
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समूह के नाम से ऋण दिलाने के लिए सिधारी थाना क्षेत्र के जाफरपुर मुंडा निवासी अश्वनी कुमार उर्फ मनोहर मौर्य पुत्र दयाशंकर सहित 34 लोगों ने अलग-अलग तिथियों पर प्रार्थिनी व समूह की महिलाओं से मुलाकात किया। उन लोगों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि तुम्हारे और समूह की महिलाओं के नाम से करोड़ों रुपया ऋण बैंक के मैनेजर से मिलकर स्वीकृत करा देंगे। प्रार्थिनी व समूह की महिलाएं उपरोक्त लोगों के झांसे में आ गयी। इसी का नाजायज फायदा उठाते हुए प्रार्थिनी व अन्य समूह की महिलाओं से लगभग 80 लाख रुपये धोखाधड़ी करके ऋण स्वीकृत कराकर हड़प लिए।
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इन लोगों ने मेरा व समूह की महिलाओं का बैंक में खाता खुलवाते समय ही बैंक प्रबंधक के साथ मिलकर साजिश के तहत चेक बुक जारी करवाते समय चेकबुक पर हस्ताक्षर करवा लिया था और उसी हस्ताक्षर युक्त के सहारे स्वीकृत हुए ऋण को अपने संबंधित फर्म व दुकानदारों के नाम से रुपया भेज कर उनसे नगद रुपया प्राप्त कर लिया। इतना ही नहीं मुझे और समूह की महिलाओं को लगातार बैंक में बुलाते थे और कहते थे कि जल्दी ही ऋण पास हो जाएगा, जबकि ऋण पूर्व में ही स्वीकृत हो चुका होता था। जब हमने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया तब हम लोगों को जान से मारने की धमकी भी दी गई। नगर कोतवाली पुलिस ने उक्त मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और कार्रवाई में जुट गई है।
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