आजमगढ़। जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित विद्यालयों में तैनात अध्यापकों के फर्जी अनुमोदन के मामले में 16 शिक्षकों और पांच प्रबंधकों के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। निदेशक समाज कल्याण के निर्देश पर जिला समाज कल्याण अधिकारी माेती लाल की तहरीर पर यह कार्रवाई पुलिस ने की है। समाज कल्याण विभाग से संचालित विद्यालयों में कार्यरत 17 शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर बरामदपुर गांव निवासी रामनयन राय ने जन सूचना मांगी थी। इसके बाद विभाग से इन अध्यापकों के अनुमोदन की जांच कराई गई। जांच में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इनके अनुमोदन को फर्जी करार दिया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी विकास शशांक सिंह ने एक अध्यापक यशवंत राय और एक प्रबंधक के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। शेष आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। अब निदेशक समाज कल्याण ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया। इस पर समाज कल्याण अधिकारी ने नगर कोतवाली में 16 अध्यापकों और पांच प्रबंधकों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। हरिजन प्राइमरी पाठशाला कटवा भकुही के राजेश कुमार, अरविंद सिंह और राजेश यादव, आंबेडकर ग्रामीण हरिजन प्राइमरी पाठशाला करउत के अजय सिंह, मनोज और रामजी सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसी तरह प्रबुद्ध आंबेडकर अनुसूचित प्राइमरी पाठशाला बनकट लेदौरा के गणेश शंकर यादव, सुनीता राज, इंद्रबहादुर राव, विजय प्रताप सिंह और विवेक उपाध्याय, अनुसूचित जाति प्राइमरी पाठशाला मुड़ियार फूलपुर के अरुण कुमार उपाध्याय, विजेंद्र और योगेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ केस हुआ है। अनुसूचित जाति प्राइमरी पाठशाला आजमबांध जहानागंज के विनोद कुमार और राजेश यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं, हरिजन प्राइमरी पाठशाला, कटवा भकुही की प्रबंध समिति, अंबेडकर ग्रामीण हरिजन प्राइमरी पाठशाला करउत जहानागंज के प्रबंधक दीपचंद विसारद, प्रबुद्ध अंबेडकर अनुसूचित जाति प्राइमरी पाठशाला लेदौरा बनकट के प्रबंधक बसंतलाल, अनुसूचित जाति प्राइमरी पाठशाला मुड़ियार फूलपुर की प्रबंध समिति के प्रबंधक, अनुसूचित जाति प्राइमरी पाठशाला आजमबांध के प्रबंधक रमेश चंद के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।