यूपी: मास्क को लेकर भिड़े अधिकारी-व्यापारी, पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा- पुलिस की हाथापाई निंदनीय
- साढ़े ग्यारह बजे से शुरू हुआ हंगामा, सराफा कारोबारी को राइफल से पीटने का आरोप
- व्यापारियों और सियासी दलों ने कोतवाली का किया घेराव व लगाया जाम, बंदी का एलान
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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क को लेकर मंगलवार सुबह शहर के पुरानी कोतवाली आफिसगंज क्षेत्र में अधिकारियों का व्यापारियों से विवाद हो गया। आरोप है कि अधिकारियों ने सराफा कारोबारी को पीटा व उसे कोतवाली उठा ले गए। विवाद के बाद साढ़े ग्यारह बजे से शहर कोतवाली पर उच्चाधिकारियों के साथ वार्ता होती रही लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। शाम चार बजे व्यापारियों ने विभिन्न दलों के नेताओं के साथ सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान कोतवाली के गेट को तोड़ दिया गया तो एक सिपाही पर भी हमला हो गया। जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़ कर मामला शांत कराया। इस घटना को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने निंदनीय बताया है।
अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा
आजमगढ़ में एक सराफा व्यापारी से मास्क न लगाने पर पुलिस ने जो हाथापाई व बदसलूकी की है, वो निंदनीय है। इससे व्यापारी समाज में आक्रोश फैल गया है। मास्क न लगाने पर जुर्माना वसूलने की जगह मारपीट का अधिकार क्या चुनावों में बिना मास्क की रैली करने वाले स्टार प्रचारक जी ने दिया है।
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वहीं बवाल के बाद देर शाम हिरासत में लिए गए व्यापारी को छोड़ दिया गया। इस घटना के विरोध में व्यापारियों ने बुधवार को बंदी का एलान किया है।
एसडीएम सदर और सीओ सिटी शहर में निकले थे
एसडीएम सदर गौरव कुमार व सीओ सिटी राजेश तिवारी फोर्स के साथ सुबह 11 बजे शहर में कोरोना गाइडलाइन के अनुपालन कराने सड़क पर निकले थे। दोनों अधिकारी विभिन्न दुकानों पर पहुंच कर सभी को मास्क लगाने व सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करने की हिदायत दे रहे थे। रास्ते में भी यदि कोई बिना मास्क के मिल रहा था तो उसे भी रोक कर मास्क लगाने को कहा जा रहा था।
अधिकारी पुरानी कोतवाली सराफा मंडी पहुंचे। यहां सराफा कारोबारी आशीष गोयल की दुकान पर एसडीएम व सीओ ने कुछ ग्राहकों को बिना मास्क के देखा। जिस पर दोनों अधिकारी दुकान में घुस गए। इसी दौरान सराफा कारोबारी आशीष गोयल से उनकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
व्यापारियों का आरोप है कि एसडीएम व सीओ ने राइफल के कुंदे से हमला कर आशीष गोयल को घायल कर दिया और जबरन घसीटते हुए दुकान से निकाल कर शहर कोतवाली लेकर चले गए। अगल-बगल के व्यापारी विरोध करने सामने आए तो सीओ व एसडीएम ने उनके साथ भी बदसलूकी की। इस पर भड़के व्यापारी भी कोतवाली पहुंच गए और घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
एसपी सिटी पंकज पांडेय, एडीएम प्रशासन ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन व्यापारी एसडीएम व सीओ पर मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। बवाल बढ़ते देख एसपी व डीएम भी पहुंच गए। वहीं व्यापारियों के समर्थन में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी कोतवाली में डेरा डाल दिया। समझौते के प्रयास असफल होने पर चार बजे के लगभग व्यापारियों ने सड़क पर जाम लगा दिया। इसी बीच किसी ने कोतवाली गेट को भी तोड़ दिया और एक सिपाही पर भी हमला किया गया। इसके बाद तो पुलिस बौखला गई और लाठीचार्ज कर रास्ता जाम किए लोगों को खदेड़ दिया।
व्यापारी को देर शाम हिरासत से छोड़ा
लगभग छह घंटे की पंचायत के बाद भी अधिकारी-व्यापारी विवाद का कोई हल नहीं निकल सका। अधिकारी सुलह समझौते का प्रयास कर रहे थे तो वहीं व्यापारी एसडीएम सदर व सीओ सिटी के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। तोड़फोड़ व लाठीचार्ज के बाद शहर कोतवाली पुलिस सराफा कारोबारी आशीष गोयल को लेकर जिला अस्पताल मेडिकल मुआयने के लिए गई। इसके बाद देर शाम उन्हें छोड़ दिया गया।
व्यापारी नहीं अराजकतत्वों ने हंगामा व तोड़फोड़ किया है। व्यापारी की तहरीर ले ली गई है। मेडिकल कराया जा रहा है। अराजकतत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों के साथ वार्ता सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई है, उनके बीच कुछ शरारती तत्व घुस गए थे, जिसके चलते ही हंगामा हुआ। - सुधीर कुमार सिंह, एसपी, आजमगढ़।
व्यापारियों की मुख्य मांग घायल व्यापारी के मेडिकल मुआयने की थी, जिसे करा दिया गया है। कोतवाली परिसर में जो अराजकता हुई है वह व्यापारियों ने नहीं की है बल्कि उनके बीच घुस आए अराजकतत्वों ने की है। ऐसे में उन अराजकतत्वों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार, जिलाधिकारी, आजमगढ़।