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मुबारकपुर सीट पर रहा है बसपा का दबदबा

Tue, 18 Jan 2022 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jan 2022 11:42 PM IST
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BSP has dominated Mubarakpur seat
आजमगढ़। रेशमी नगरी कहे जाने वाले मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र में बसपा का दबदबा रहा है। बसपा इस सीट पर पांच बार कब्जा जमा चुकी है जबकि समाजवादी पार्टी को एक बार जीत मिली। मुस्लिम बाहुल्य इस विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी को आखिरी जीत 1980 में मिली थी।
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मुबारकपुर विधासभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या तीन लाख 52 हजार 935 है। जिसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या एक लाख 84 हजार 874 और महिला मतदाताओं की संख्या एक लाख 68 हजार 59 है। इस सीट को मुस्लिम बाहुल्य कहा जाता है। इस सीट पर 1977 में जेएनपी ने जीत हासिल की थी। इसके बाद 1980 में हुए चुनाव में कांग्रेस के दूधनाथ ने इस सीट पर अपना कब्जा जमाया। लेकिन इस सीट पर वह कांग्रेस के आखिरी विधायक भी रहे। इसके बाद 1985 में हुए चुनाव में आईएनडी के हफीज भारती ने कब्जा जमाया। 1989 में जनता दल के यशवंत सिंह ने जीत हासिल की। 1991 में जनता दल के टिकट पर अब्दुस्सलाम ने जीत हासिल की। फिर सपा और बसपा का उदय हुआ और बसपा इस सीट पर हावी होती चली है। 1993 में सपा के टिकट पर रामदर्शन ने इस सीट पर सपा का खाता खोला। लेकिन 1996 के चुनाव में वह इसे दोहरा नहीं सके और बसपा के यशवंत ने उन्हें हरा दिया। फिर 2002 और 2007 में बसपा के चंद्रदेव राम यादव ने इस सीट पर कब्जा जमाया। फिर 2012 और 2017 में बसपा के ही शाह आलम गुड्डू जमाली ने इस सीट पर कब्जा जमाया।
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1977 से मुबारकपुर से जीते लोग
वर्ष विजेता पार्टी
1977 भाभी जेएनपी
1980 दूधनाथ कांग्रेस
1985 हफीज भारती आईएनडी
1989 यशवंत जनता दल
1991 अब्दुस्सलाम जनता दल
1993 रामदर्शन सपा
1996 यशवंत बसपा
2002 चंद्रदेव बसपा
2007 चंद्रदेव बसपा
2012 शाहआलम बसपा
2017 शाहआलम बसपा
मिनी दुबई कहा जाता था कस्बे को
आजमगढ़। मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र बुनकर बाहुल्य इलाका है। एक समय था जब इसे मिनी दुबई कहा जाता था। दूर-दूर से लोग यहां काम की तलाश में आते थे। हजारों लोगों को यहां रोजगार मिलता था। आज भी हथकरघे की खटर पटर से पूरा क्षेत्र 24 घंटे गूंजता रहता है। लेकिन एक दंगे ने इस रेशमी नगरी की सारी चमक को गायब कर दिया। न तो पहले की तरह कारोबार रहा और ना ही बुनकरों की हालत में सुुुधार हो रहा। जिसका परिणाम है कि यहां के लोग अब खाड़ी देशों को पलायन करने लगे हैं। सपा सरकार में यहां पर विपणन केंद्र का निर्माण कराया गया लेकिन यह भी शोपीस बनकर रह गया है।
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