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बरसात में पोखरी में तब्दील हो जाता है बागेश्वर नगर कॉलोनी

Wed, 10 Feb 2021 11:29 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Feb 2021 11:29 PM IST
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Bageshwar Nagar Colony turns into Pokhari in the rainy season
सिविल लाइंस स्थित बागेश्वर नगर के खुले मैदान में बहता गंदा पानी। - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। बिना लेआउट स्वीकृत कराए धड़ाधड़ कॉलोनियां बसती गई हैं। बागेश्वर नगर कॉलोनी भी बिना किसी योजना के ही आबाद हो रही है। यहां सैकड़ों मकान बन गए हैं और बनते जा रहे हैं। यहां जल निकासी और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। बरसात में तो पूरी कॉलोनी पोखरी में तब्दील हो जाती है। तब तमाम लोग अपना घर छोड़कर कहीं और चले जाते हैं। इस कॉलोनी के बीच से ही शहर का गंदा पानी टूटे-फूटे नालों से तमसा नदी में जाता है।
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शहर के सुनियोजित विकास को लेकर जिले में विकास प्राधिकरण है। मकान बनवाने के लिए यहां से नक्शा पास करवाना अनिवार्य है। प्राधिकरण की ही जिम्मेदारी है कि वह कॉलोनियों का लेआउट तैयार करवाए। ताकि मकान बनने के पहले रास्ता, सीवर आदि के भूमि का निर्धारण हो जाए। इसके बाद भी शहर में बिना किसी योजना के धड़ाधड़ कॉलोनियां बसती जा रही हैं। रोडवेज के समीप बाईपास बंधे के किनारे बागेश्वर नगर कॉलोनी भी बिना किसी योजना के बेतरतीब तरीके से बसी है। कॉलोनी में शानदार मकान बने हुए हैं, लेकिन बरसात के दिनों में ये मकान पानी से घिर जाते हैं। कॉलोनी के मकान बाईपास बंधे की ऊंचाई से 12 से 15 फुट नीचे बने हैं। कॉलोनी के बीच से ही शहर के गंदा पानी का नाला गुजरता है जो जर्जर हो चुका है। उसका पानी सड़कों पर बहता रहता है। बरसात में जब तमसा नदी उफनाती है तो नाले का गेट बंद कर दिया जाता है। इसके के बाद पूरे इलाके में जलभराव हो जाता है। जिला महिला अस्पताल की मेडिकल आफिसर डॉ सौम्या का घर इसी कॉलोनी में है। उनके घर के आसपास भी नगर पालिका सफाई कराना जरूरी नहीं समझती है। लोग जलकर जमा करते हैं लेकिन पेयजल की पाइपलाइन नहीं बिछी है। कॉलोनी में नए भवनों के निर्माण जारी है लेकिन प्राधिकरण को इसकी चिंता नहीं है। बाद में सड़कों पर जलभराव रोकने के लिए यदि उन्हें पाटा जाता है तो मकान का भूतल बेसमेंट में बदल जाएगा।
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रागिनी सिंह ने कहा कि बरसात के दिनों में जलभराव के चलते हमें घर में ताला बंद कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है। कई बार जिला व नपा प्रशासन को पत्र लिखा गया लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं कराया गया। गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि इस कॉलोनी की सबसे बड़ी समस्या बीच से गुजर रहा नगर पालिका का नाला है। इस नाले को ठीक करा कर ढकवा दिया जाए तो समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकता है। रवि प्रकाश यादव, सभासद, सिविल लाइंस वार्ड ने बताया कि कॉलोनी में समस्या तो है। मैंने समाधान का प्रयास भी किया। शहर के गंदे पानी के बहने के लिए कच्चा नाला है, जिसे पक्का बनवाने के लिए मैंने चेयरमैन को प्रस्ताव दिया है। वहीं, बैजनाथ, सचिव एडीए ने कहा कि विकास प्राधिकरण शहर के नियोजित विकास के लिए ही है। नक्शा दाखिल करने और लेआट पास कराते समय ही रास्ते और जल निकासी लिए भूमि का निर्धारण हो जाता है। लेआउट पास नहीं होने से इस तरीके की समस्या आती है। शुभनाथ प्रसाद, ईओ, नगर पालिका परिषद ने कहा कि नाले को दुरुस्त कराने की योजना बनाई जा रही है। पेयजल की पाइन लाइन बिछाने की भी योजना है। बिना पाइप लाइन के वाटर टैक्स वसूलने की जानकारी नहीं है, पता करते हैं कि ऐसा क्यों है। सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा।
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