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तीन अधिकारियों का वेतन रोका, स्पष्टीकरण भी मांगा

Sat, 16 Nov 2019 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 16 Nov 2019 11:48 PM IST
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azamgarh
आजमगढ़। वृहद गोसंरक्षण केन्द्रों और कान्हा गोशालाओं का निर्माण समयवद्ध रूप से पूर्ण कराना बेहद जरूरी है। सम्बन्धित विभाग निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ ही समय से पूर्ण कराएं और उसे उपयोग में लाएं। कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने उक्त बातें मुख्य सचिव के आदेश के क्रम में शुक्रवार देर सायं हुई समीक्षा बैठक में कही। इस दौरान अनुपस्थित तीन अधिकारियों का वेतन रोकने के साथ ही उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा। समीक्षा बैठक में गोवंश आश्रय स्थलों की स्थिति से अवगत कराने के लिए अपर निदेशक पशुपालन उपस्थित नहीं थे। प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित सीवीओ सिर्फ आजमगढ़ की जानकारी ही उपलब्ध करा सके। अपर निदेशक पशुपालन से स्पष्टीकरण मांगने के साथ एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। गन्ना भुगतान की स्थिति के बारे में भी जानकारी देने के लिए उपायुक्त गन्ना और जिला गन्ना अधिकारी उपस्थित नहीं थे। दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने के साथ एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया। तीनों जनपदों में परिषदीय और अन्य विद्यालयों में नामांकित छात्र-छात्राओं के आधार नामांकन किया जाना है। आजमढ़ में कुल नामांकित 363815 के सापेक्ष 300147, बलिया में 289861 के सापेक्ष 235370, मऊ में 147800 के सापेक्ष 100930 आधार नामांकन हैं। अनुदानित विद्यालयों में आजमगढ में नामांकित 57292 के सापेक्ष 46265, बलिया मेें 18421 में 13825, मऊ में 10020 में 8654 तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों में आजमगढ़ में 38219 के सापेक्ष 278541, बलिया में नामांकित 26456 के सापेक्ष 22425 और मऊ में 9865 नामांकित में से 8311 छात्र-छात्राओं का अधार नामांकन किया गया है। प्रगति बहुत कम पाये जाने पर तीनों बीएसए को चेतावनी दी।
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फर्जी अभिलेखों के आधार सेवारत एवं एसआईटी की ओर से चिह्नित 4000 अध्यापकों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की। आजमगढ़ और बलिया में तो ऐसे चिन्हित अध्यापकों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं। मऊ में अभी सिर्फ नोटिस निर्गत की गई है। बीएसए मऊ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के लिए नामित कंपनी क्रियेटिव कन्सोर्टियम प्रा.लि. की ओर से बड़ी संख्या में आवासों की प्रथम चरण की जिओ टैगिंक के बजाय सीधे द्वितीय एवं तृतीय चरण की जिओ टैगिंग कर दी गई है। इससे आवासों की प्रथम किस्त निर्गत करने में दिक्कतें आ रही हैं। कम्पनी के प्रतिनिधियों को पांच दिन के अन्दर इस विसंगति को दूर करने तथा अवशेष जिओ टैगिंग को पूर्ण करने का निर्देश दिया। आगाह किया कि इस दौरान कार्य पूर्ण नहीं होता है तो कम्पनी को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। इस मौके पर अपर आयुक्त (प्रशासन) धर्मेन्द्र सिंह, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. एनएल यादव, संयुक्त कृषि निदेशक एसके सिंह, संयुक्त शिक्षा निदेशक एपी वर्मा, उप निदेशक महिला कल्याण ओंकारनाथ यादव, उप निदेशक पंचायती राज राम जियावन सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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