Azamgarh: आर्थिक तंगी के चलते नहीं भर सका लोन की किस्त, फाइनेंस कंपनी ने बनाया दबाव तो ऑटो चालक ने की खुदकुशी
आजमगढ़ जिले मोहब्बतपुर गांव निवासी मुंशी राजभर (50) ने गुरुवार सुबह फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। वह ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। परिजनों ने निजी फाइनेंस कंपनी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
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यूपी के आजमगढ़ जिले में एक निजी फाइनेंस कंपनी की दादागिरी से एक व्यक्ति असमय मौत के गाल में समा गया। फाइनेंस कंपनी के गुर्गों की प्रताड़ना से तंग आकर ऑटो चालक ने खुदकुशी कर ली। घटना से परिजनों में कोहराम मचा है। जहां परिजन एक तरफ खुलेआम फाइनेंस कंपनी के गुर्गों पर मौत का सीधा आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पूंजीपति फाइनेंस कंपनी का पक्ष अब तक सामने नहीं आया है।
मुबारकपुर थाना क्षेत्र के मोहब्बतपुर गांव निवासी मुंशी राजभर (50) ने गुरुवार सुबह घर के कमरे में पंखे के सहारे रस्सी से फंदा लगा कर आत्महत्या कर लिया। घटना के समय परिवार के अन्य लोग गेहूं की कटाई करने खेत पर गए थे। करीब नौ बजे परिजन खेत से लौटे तो नजारा देख सन्न रह गए। परिजनों में चीखपुकार मच गई।
साल भर पहले लिया था लोन पर ऑटो
सूचना पर मुबारकपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतरवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मुंशी तीन पुत्र व एक पुत्री के पिता थे। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है। मुंशी के चचेरे भाई गुड्डू ने बताया कि लगभग एक साल पहले मुंशी ने एक प्राइवेट कंपनी से फाइनेंस करा कर सीएनजी ऑटो लिया था।
इसी ऑटो को चलाकर से वह अपने परिवार का भरण पोषण करता था। बीते कुछ माह में आर्थिक तंगी के चलते किस्त नहीं भर सका था। किस्त न आने पर फाइनेंस कंपनी ने अपने गुर्गों को सक्रिय कर दिया।
कंपनी के गुर्गे अपने साथियों के साथ अक्सर मुंशी को किस्त जमा करने के लिए प्रताड़ित करते थे। ऑटो उठा ले जाने की धमकी देते थे। रोज-रोज की प्रताड़ना से मुंशी डिप्रेशन में आ गया था। गुरुवार सुबह परिवार के लोग खेत में गए थे। उसने फांसी लगाकर जान दे दी। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।