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चिकनकारी की कला देख हो गईं मुग्ध
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Thu, 18 Feb 2016 12:12 AM IST
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मशहूर शायर कैफी आजमी के पैतृक गांव मेजवां पहुंची डेनमार्क मेजवां फ्रेंडशिप एसोसिएशन की टीम ने बुधवार को कन्या जूनियर हाईस्कूल और चिकनकारी सेंटर को निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकनकारी के कार्य को बारीकी से देखा और उसकी सराहना की।
टीम की मुखिया बेंटी के साथ एलिस, क्रिसेन और सोनिया बुधवार को कन्या जूनियर हाई स्कूल पहुंची। जहां उन्होंने शिक्षण और प्रशिक्षण ले रही छात्राओं से रूबरू हुई। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही ने छात्राओं से उनकी समस्या भी सुनी और उनके निराकरण का आश्वासन दिया।
चिकनकारी सेंटर में उन्होंने मशहूर फैशन डिजाइनर द्वारा दिए गए कपड़ों पर चिकनकारी के जरिए बनाई जा रही फूल और पत्तियों को बारीकी से देखा और सराहना की। टीम ने मोती बाग का भी निरीक्षण किया, जिसे कैफी आजमी ने अपने जीवन काल में अपनी पत्नी शौकत आजमी के नाम पर बाग लगाया था। बाद में उसे मोती बाग का नाम दिया गया।
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टीम की मुखिया बेंटी और सदस्यों ने गांव से होकर जाने वाली कुंवर नदी के तट पर पहुंच कर लुत्फ उठाया। बेंटी ने मिजवां सोसायटी के प्रबंधक आशुतोष त्रिपाठी से कुंवर नदी के महत्व और उसके शुरू होने के स्थान के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
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टीम की मुखिया बेंटी के साथ एलिस, क्रिसेन और सोनिया बुधवार को कन्या जूनियर हाई स्कूल पहुंची। जहां उन्होंने शिक्षण और प्रशिक्षण ले रही छात्राओं से रूबरू हुई। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही ने छात्राओं से उनकी समस्या भी सुनी और उनके निराकरण का आश्वासन दिया।
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चिकनकारी सेंटर में उन्होंने मशहूर फैशन डिजाइनर द्वारा दिए गए कपड़ों पर चिकनकारी के जरिए बनाई जा रही फूल और पत्तियों को बारीकी से देखा और सराहना की। टीम ने मोती बाग का भी निरीक्षण किया, जिसे कैफी आजमी ने अपने जीवन काल में अपनी पत्नी शौकत आजमी के नाम पर बाग लगाया था। बाद में उसे मोती बाग का नाम दिया गया।
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टीम की मुखिया बेंटी और सदस्यों ने गांव से होकर जाने वाली कुंवर नदी के तट पर पहुंच कर लुत्फ उठाया। बेंटी ने मिजवां सोसायटी के प्रबंधक आशुतोष त्रिपाठी से कुंवर नदी के महत्व और उसके शुरू होने के स्थान के संबंध में जानकारी प्राप्त की।