फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Art and culture of the extinct Hariharpur Gharana will get global recognition

विलुप्त हो रही हरिहरपुर घराना की कला-संस्कृति को मिलेगी वैश्विक पहचान

Thu, 30 Jun 2022 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jun 2022 12:09 AM IST
विज्ञापन
Art and culture of the extinct Hariharpur Gharana will get global recognition
आजमगढ़। हुनर और जज्बे से भरपूर जिले के हरिहरपुर घराना के संगीत कलाकारों के लिए अच्छी खबर है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने वर्षों पुरानी हरिहरपुर संगीत घराना के शास्त्रीय संगीत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि हरिहरपुर संगीत घराने के स्वर साधक पद्मविभूषण छुन्नू लाल मिश्रा ने दुनियां में यूपी का नाम रोशन किया। मुख्यमंत्री ने संगीत जगत के लब्ध प्रतिष्ठ लोगों से परामर्श कर उनकी मंशानुरूप यहां कला-संगीत साधकों के हित में आवश्यक प्रस्ताव तैयार कराने के लिए निर्देश दिए हैं, ताकि हरिहरपुर घराना की कला संस्कृति को वैश्विक पहचान मिल सके।
विज्ञापन

जनपद का हरिहरपुर घराना संगीत के लिए विश्व में मशहूर है। यहां के कलाकार गायकी, संगीत, तबला-वादन में देश ही नहीं, विदेश में भी अपनी कला का डंका बजा रहे हैं। यही नहीं पंडित छन्नूलाल मिश्र ने पूरे देश में ठुमरी में महारथ हासिल की। आज भले ही वह जनपदवासियों से दूर वाराणसी में हैं लेकिन उनकी हर प्रस्तुतियां लोगों के अंतर्मन को छू जाती हैं। इस घराने ने लुप्त हो रही विधा कजरी, चैता, फगुआ आदि को बचाने के लिए हरिहरपुर घराना संगीत संस्थान के माध्यम से लगभग 25 वर्षों से हरिहरपुर कजरी महोत्सव का आयोजन कर रहा है। यह महोत्सव अगस्त माह में धूमधाम से मनाया जाता है। इसके लिए पूरा घराने के लोग मिलकर अपनी विलुप्त हो रही कजरी को संजोने का प्रयास करते हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ ने भी विलुप्त हो रही आजमगढ़ की कला को धार देने व जिले में अन्य विकास कार्यों को कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ के विकास की विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिया है।
विज्ञापन

हरिहरपुर घराना के शंभूनाथ मिश्रा का कहना था कि आज हम लोग अपनी परंपरा व पारंपरिक गीतों को भुलाते जा रहे हैं। सावन माह में कजरी की अलग पहचान है लेकिन अब कहीं भी कजरी की धुन सुनाई नहीं पड़ती। कभी कजरी की धुन इतनी लोकप्रिय थी कि शास्त्रीय संगीत के घरानों ने भी इसे अपना कर वाहवाही लूटी। मुख्यमंत्री के फैसले से इस विधा को संजीवनी मिलेगी। वहीं इसी प्रवीण कुमार मिश्रा का कहना है कि हरिहरपुर घराना के सभी कलाकार के लिए बहुत गर्व की बात है कि मुख्यमंत्री व आजमगढ़ के सांसद दिनेश लाल ने हम सभी कलाकारों के लिए सोचा। हमे खुशी है कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के लिए निर्देश दिया है। इसके लिए हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बहुत-बहुत आभार करते हैं। इस मामले में यहां के संगीत कलाकार अजय मिश्रा ने बताया कि नए सांसद खुद कलाकार है। इसलिए उन्होंने हमारी पीड़ा को समझा है। मुख्यमंत्री से मिलकर हमारी मांगों को रखा है। मुख्यमंत्री ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए प्रस्ताव तैयार कर मांगा है। ऐसे में हमे उम्मीद है कि हमारी कला संस्कृति को एक बेहतर मंच मिलेगा। जिससे कलाकार अपने घर को लौटेंगे और वह अपनी प्रतिभा का जलवा पूरे दुनिया में बिखेरेंगे। उधर कलाकार सतीश ने बताया कि मुख्यमंत्री के फैसले की हम सराहना करते हैं। जब मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लिया है तो अमारी कला को और धार मिलेगा। नए सांसद भी एक कलाकार है। इसलिए हमारी आवाज को मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंचाने का काम किया है। इसके लिए उनका बहुत आभार है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed