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46 लाख लोगों को खिलाई जाएगी फाइलेरिया रोधी दवा : सीएमओ

Thu, 01 Feb 2024 12:02 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 01 Feb 2024 12:02 AM IST
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Anti-filarial medicine will be given to 46 lakh people
आजमगढ़। फाइलेरिया से बचाव के लिए जनपद में 10 फरवरी से ट्रिपल ड्रग थेरेपी आईडीए अभियान के तहत घर-घर जाकर स्वास्थ्य कर्मी आमजन को फाइलेरिया रोग से बचाव की दवा का सेवन कराएंगे। इसके लिए जनपद की 51.12 लाख आबादी के सापेक्ष एक वर्ष से ऊपर के करीब 46.46 लाख लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन कराने का लक्ष्य रखा गया है। यह जानकारी सीएमओ डॉ. इंद्र नारायण तिवारी ने दी।
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उन्होंने बताया कि घर-घर जाकर आईडीए की दवा का सेवन कराने वाले 8018 स्वास्थ्यकर्मी प्रशिक्षित हो रहे हैं। इसके लिए 4009 टीमें तैयार किए गए हैं। पर्यवेक्षण के लिए 669 सुपरवाइजर भी तैनात किए जाएंगे। सीएमओ ने कहा कि ट्रिपल ड्रग थेरेपी आईडीए (आइवर्मेक्टिन, डीईसी व एल्बेण्डाजोल) अभियान के सफलतापूर्वक संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार तैयारियों में जुटा है। इसके साथ ही पंचायती राज, ग्राम विकास, शिक्षा, आईसीडीएस, अल्पसंख्यक कल्याण, आपूर्ति, खाद्य आदि विभागों से समन्वय बनाकर कार्य योजना तैयार की जा रही है। दवा का सेवन कराने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को लगातार प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके साथ जनपद के सभी 21 ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा दो शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर अंतर्विभागीय समन्वयन बैठक आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर वेक्टर जनित बीमारियों के नोडल अधिकारी डॉ. एके चौधरी, जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) राधेश्याम यादव सहित आदि शामिल रहे।
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आजमगढ़। पिछले वर्ष 2023 में चिन्हित किए जनपद में फाइलेरिया के रोगियों की संख्या 1122 है जिसमें हाइड्रोसील के 274 और लिम्फोडीमा के 848 रोगी शामिल हैं। जिन ब्लॉक या क्षेत्र में ज्यादा मरीज हैं तो वहां अधिक ध्यान दिया जाएगा।
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आजमगढ़। सीएमओ डा. आइएन तिवारी ने बताया कि फाइलेरिया एक लाइलाज बीमारी है। इस बीमारी के लक्षण पांच से 10 वर्षों के बाद देखने को मिलते हैं। शुरूआत में इसके कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। फाइलेरिया एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में मच्छर के काटने से फैलता है। इस बीमारी से हाथ, पैर, स्तन और अंडकोष में सूजन हो जाता है।
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