{"_id":"6883cb8722a2b3986700c850","slug":"anger-erupted-due-to-mismanagement-and-rude-behavior-of-the-district-hospital-azamgarh-news-c-258-1-svns1001-134874-2025-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं और अभद्र व्यवहार से फूटा आक्रोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं और अभद्र व्यवहार से फूटा आक्रोश
विज्ञापन
बलरामपुर। मंडलीय जिला चिकित्सालय में लंबे समय से व्याप्त अव्यवस्थाओं और अधिकारियों के अभद्र व्यवहार के खिलाफ शुक्रवार को सामाजिक संगठनों, छात्रों और युवाओं ने धरना प्रदर्शन किया।
लोगों का आरोप है कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, दवाओं की कमी, डॉक्टरों की लापरवाही और अधिकारियों के असंवेदनशील रवैये के कारण मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।
धरने में शामिल लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों का हवाला देते हुए कहा कि कई मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा, और उन्हें जमीन पर बैठकर ऑक्सीजन लेने जैसी दुर्दशा का सामना करना पड़ रहा है। जब इन समस्याओं को उठाया गया, तो अस्पताल प्रशासन द्वारा उन्हें धमकाया और प्रताड़ित किया गया। इससे आक्रोशित होकर जनसंगठन और नागरिक समाज धरना देने पर मजबूर हुए हैं। सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे और जनस्वास्थ्य की इस उपेक्षा के खिलाफ जिला स्तर पर व्यापक विरोध किया जाएगा।
विज्ञापन
धरने में अश्वनी मिश्रा, विनीत सिंह विष्णु, विवेक सिंह, महावीर सिंह, शौर्य सिंह कौशिक, विवेक पांडेय, सत्यम शुक्ला, शिवम राय, पार्थ दुबे, अन्नू शुक्ला, सुनील चौहान, मोनू विश्वकर्मा, दीपक कुमार, निखिल उपाध्याय, सुनील कुमार, विशाल मिश्र आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
लोगों का आरोप है कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, दवाओं की कमी, डॉक्टरों की लापरवाही और अधिकारियों के असंवेदनशील रवैये के कारण मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।
विज्ञापन
धरने में शामिल लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों का हवाला देते हुए कहा कि कई मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा, और उन्हें जमीन पर बैठकर ऑक्सीजन लेने जैसी दुर्दशा का सामना करना पड़ रहा है। जब इन समस्याओं को उठाया गया, तो अस्पताल प्रशासन द्वारा उन्हें धमकाया और प्रताड़ित किया गया। इससे आक्रोशित होकर जनसंगठन और नागरिक समाज धरना देने पर मजबूर हुए हैं। सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे और जनस्वास्थ्य की इस उपेक्षा के खिलाफ जिला स्तर पर व्यापक विरोध किया जाएगा।
विज्ञापन
धरने में अश्वनी मिश्रा, विनीत सिंह विष्णु, विवेक सिंह, महावीर सिंह, शौर्य सिंह कौशिक, विवेक पांडेय, सत्यम शुक्ला, शिवम राय, पार्थ दुबे, अन्नू शुक्ला, सुनील चौहान, मोनू विश्वकर्मा, दीपक कुमार, निखिल उपाध्याय, सुनील कुमार, विशाल मिश्र आदि शामिल रहे।