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Azamgarh News: बारिश से रुका अमृत सरोवरों का काम
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आजमगढ़। अमृत सरोवरों की खोदाई का कार्य तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। अधिकारियों की माॅनिटरिंग में शिथिलता तो कभी बारिश इसमें बाधा बन रही है। जिले की हर ग्राम पंचायत में एक अमृत सरोवर बनाया जाना है। 580 अमृत सरोवर का निर्माण पूरा हो गया है। 650 पर काम चल रहा है। कई स्थानों पर 10-15 प्रतिशत ही कार्य हो सका है। ऐसा तब है जबकि शासन की मंशा 15 अगस्त तक अमृत सरोवरों का कार्य पूरा करवाकर वहां झंडारोहण करने की है।
वर्ष 2022 में जल संरक्षण की मुहिम के तहत अमृत सरोवर योजना को धरातल पर उतारने की कवायद शुरू की गई। विभाग के अनुसार, 580 अमृत सरोवरों का काम पूरा हो गया है। 650 का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अमृत सरोवरों पर एक अरब से अधिक रुपये खर्च किए जाएंगे।
अमृत सरोवर का निर्माण धीमी गति से हो रहा है। वर्ष 2023 बीत चुका है। वर्ष 2024 का छह माह दस दिन बीत गया, अब बारिश शुरू हो गई। इससे तालाबों में पानी भर गया। इसके कारण अमृत सरोवर का निर्माण ठप हो गया है। 650 सरोवर अभी भी अधूरे हैं।
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आजमगढ़। जिले में कुल 22 ब्लाॅक हैं। इन ब्लाकों में करीब 1811 ग्राम पंचायतें हैं। सभी में अमृत सरोवर बनाए जाने हैं। इसके लिए चिह्नांकन किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, जिले में 500 ऐसे गांव हैं, जहां अभी तक अमृत सरोवर चिह्नित नहीं हो सके हैं।
अमिलो। विकास खंड सठियांव के पिचरी गांव में अमृत सरोवर का कार्य शुरु तो हो गया लेकिन पूरा कब होगा कुछ पता नहीं है। कारण कि यहां नाबदान का पानी रोकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। पास के घरों के नाली का पानी सरोवर में आता है। जबकि अमृत सरोवर में नाबदान का पानी बहाना मना है। प्रधान पति अनिल यादव ने बताया कि नाली का पानी रोकने के लिए सोख्ता बनवाना पड़ेगा। यहां मिट्टी पटाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। सीढ़ी और इंटरलॉकिंग होना बाकी है। बारिश के बाद ही कुछ होगा।
रानी की सराय। विकास खंड रानी की सराय के बस्ती गांव में भी अमृत सरोवर का निर्माण चल रहा है। यहां अभी तक सिर्फ भीटा का कार्य किया गया है। जबकि अमृत सरोवर पर सीढ़ी का निर्माण कराया जाना है। इंटरलॉकिंग, लाइटिंग की व्यवस्था होनी है। लेकिन अभी तक तमाम कार्य नहीं हुए हैं।
अमृत सरोवर का निर्माण मनरेगा के तहत हो रहा है। ज्यादातर अमृत सरोवर पर मिट्टी पटाई का कार्य हो चुका है। कुछ बचे हैं तो वहां भी हो जाएगा। बारिश के कारण भी निर्माण प्रभावित हुए हैं। जो अधूरे कार्य हैं उन्हें जल्द पूरा किया जाएगा।
- रामउदरेज, डीसी मनरेगा।
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वर्ष 2022 में जल संरक्षण की मुहिम के तहत अमृत सरोवर योजना को धरातल पर उतारने की कवायद शुरू की गई। विभाग के अनुसार, 580 अमृत सरोवरों का काम पूरा हो गया है। 650 का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अमृत सरोवरों पर एक अरब से अधिक रुपये खर्च किए जाएंगे।
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अमृत सरोवर का निर्माण धीमी गति से हो रहा है। वर्ष 2023 बीत चुका है। वर्ष 2024 का छह माह दस दिन बीत गया, अब बारिश शुरू हो गई। इससे तालाबों में पानी भर गया। इसके कारण अमृत सरोवर का निर्माण ठप हो गया है। 650 सरोवर अभी भी अधूरे हैं।
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आजमगढ़। जिले में कुल 22 ब्लाॅक हैं। इन ब्लाकों में करीब 1811 ग्राम पंचायतें हैं। सभी में अमृत सरोवर बनाए जाने हैं। इसके लिए चिह्नांकन किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, जिले में 500 ऐसे गांव हैं, जहां अभी तक अमृत सरोवर चिह्नित नहीं हो सके हैं।
अमिलो। विकास खंड सठियांव के पिचरी गांव में अमृत सरोवर का कार्य शुरु तो हो गया लेकिन पूरा कब होगा कुछ पता नहीं है। कारण कि यहां नाबदान का पानी रोकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। पास के घरों के नाली का पानी सरोवर में आता है। जबकि अमृत सरोवर में नाबदान का पानी बहाना मना है। प्रधान पति अनिल यादव ने बताया कि नाली का पानी रोकने के लिए सोख्ता बनवाना पड़ेगा। यहां मिट्टी पटाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। सीढ़ी और इंटरलॉकिंग होना बाकी है। बारिश के बाद ही कुछ होगा।
रानी की सराय। विकास खंड रानी की सराय के बस्ती गांव में भी अमृत सरोवर का निर्माण चल रहा है। यहां अभी तक सिर्फ भीटा का कार्य किया गया है। जबकि अमृत सरोवर पर सीढ़ी का निर्माण कराया जाना है। इंटरलॉकिंग, लाइटिंग की व्यवस्था होनी है। लेकिन अभी तक तमाम कार्य नहीं हुए हैं।
अमृत सरोवर का निर्माण मनरेगा के तहत हो रहा है। ज्यादातर अमृत सरोवर पर मिट्टी पटाई का कार्य हो चुका है। कुछ बचे हैं तो वहां भी हो जाएगा। बारिश के कारण भी निर्माण प्रभावित हुए हैं। जो अधूरे कार्य हैं उन्हें जल्द पूरा किया जाएगा।
- रामउदरेज, डीसी मनरेगा।