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Azamgarh News: ऑडिट के नाम पर खानापूर्ति का आरोप, विशेष जांच की मांग

Sat, 23 May 2026 01:23 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 23 May 2026 01:23 AM IST
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Allegations of eyewash in the name of audit, demand for special investigation
एडीएम प्रशासन को ज्ञापन देने पहुंचे कर्मचारी।
आजमगढ़। स्वास्थ्य विभाग में ऑडिट के नाम पर खानापूर्ति और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों ने शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) व मुख्य राजस्व अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की विशेष जांच की मांग की है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ऑडिट प्रक्रिया को केवल औपचारिकता बनाकर वित्तीय अनियमितताओं पर पर्दा डालने का प्रयास किया गया है।
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ज्ञापन देने वालों उमेश कुशवाहा, संजीव कुमार सिंह, रमेश बाबू, आलोक कुमार यादव और अमित कुमार यादव आदि ने आरोप लगाया कि मुख्य सम्प्रेक्षा अधिकारी के अधीन अतिरिक्त प्रभार में कार्यरत वरिष्ठ सम्प्रेक्षक कपिलदेव द्वारा 18 मई को पत्र जारी कर 19 मई से ऑडिट शुरू होने की सूचना दी गई थी। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा 19 और 20 मई को सभी सीएचसी व पीएचसी को ऑडिट के लिए बुलाया गया।
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कर्मचारियों का आरोप है कि टीम ने मात्र औपचारिकता निभाते हुए कागजी कार्रवाई पूरी की और 21 मई को दोपहर 12 बजे से पहले ही होटल से चेक आउट कर वापस लौट गई, जबकि ऑडिट कार्यक्रम 18 से 23 मई तक निर्धारित था। 22 ब्लॉकों के अंतर्गत 40 से 50 सीएचसी/पीएचसी तथा दो संयुक्त चिकित्सालयों का ऑडिट इतने कम समय में पूरी तरह संभव नहीं है, जिससे संदेह उत्पन्न होता है कि यह कार्य केवल औपचारिकता और संभावित वसूली के उद्देश्य से किया गया है।
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कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ऑडिट के दौरान गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और रिकॉर्ड जांच की अनदेखी की गई। साथ ही करोड़ों रुपये की सीएमएसडी क्रय सामग्री के ऑडिट पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सीएमएस और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी गहन जांच हो, ताकि संभावित वित्तीय गड़बड़ियों का खुलासा हो सके। चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो कर्मचारियों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
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