आजमगढ़। कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने कहा कि जिन परियोजनाओं के लिए धनराशि मिल चुकी है, उसे मानक और गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा कराएं। कमिश्नर ने सोमवार को 50 लाख या इससे अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की। नगर पंचायत लालगंज में बन रहे आसरा आवास की धनराशि रोकने के लिए पीओ डूडा, सीएचसी-पीएचसी के लिए जून में धनराशि आ जाने के बावजूद कार्यदायी संस्था को न देने पर सीएमओ और राजकीय पालिटेक्निक के प्रधानाचार्य से अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण मांगा। आजमगढ़, मऊ और बलिया में पैक्सफेड के सभी कार्यों की जांच के निर्देश टीएसी, प्राविधिक परीक्षक ग्राम्य विकास को दिए। आवास-विकास को अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप के निर्माण के लिए अभी तक जमीन नहीं मिलने पर लक्ष्य समाप्त करने की कार्यवाही करने को कहा।
आजमगढ़ में कुल 56 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इसमें तीन पूर्ण और पांच अनारम्भ हैं। मऊ में 47 स्वीकृत, सात पूर्ण और छह अनारम्भ हैं। बलिया में 56 परियोजनाएं स्वीकृत हैं जिसमें सापेक्ष चार पूर्ण और छह अनारम्भ हैं। आजमगढ़ में स्वीकृत 719.16 करोड़ के सापेक्ष 418.27 करोड़ अवमुक्त हुए हैं। 349.54 करोड़ धनराशि व्यय हो चुकी है। मऊ में 198.19 करोड़ के सापेक्ष 114.64 करोड़ अवमुक्त हुए, जिसमें 101.19 करोड़ व्यय हुए हैं। बलिया में 1163.93 करोड़ के सापेक्ष 801.68 करोड़ अवमुक्त हैं और 709.68 करोड़ व्यय हो चुके है। आजमगढ़ में स्वीकृत 38 सड़कों में 10 पूर्ण, मऊ में 47 सड़कों में सात पूर्ण और छह अनारंभ हैं। जनपद बलिया में 56 स्वीकृत सड़कों में चार पूर्ण और छह अनारम्भ है। कमिश्नर ने कहा कि यदि भूमि विवाद के कारण कार्य अनारम्भ है तो समाधान निकाल शीघ्र प्रारम्भ कराया जाए। सीएण्डडीएस ने बताया कि नगर पंचायत मेंहनगर में आसरा योजना के लिए परियोजना अधिकारी डूडा की ओर से ने धनराशि नहीं दी जा रही है। पैक्सफेड के कार्यों की प्रगति अत्यन्त धीमी होने के कारण कई वर्षों से निमार्णाधीन हैं। इससे इनकी लागत बढ़ गई। संशोधित आगणन विभागों भेजा जा रहा है। मऊ में सीएमओ कार्यालय में छह आवास बनाए जाने थे, लेकिन पैक्सफेड ने मात्र आवास ही बनाए गए हैं।