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स्थिर होने के बाद फिर बढ़ी घाघरा
ब्यूरो अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Thu, 02 Jul 2015 12:09 AM IST
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जनपद के उत्तरी छोर से होकर बहने वाली घाघरा नदी का जलस्तर मंगलवार को स्थिर रहा लेकिन बुधवार को जलस्तर में फिर से वृद्धि दर्ज की गई। विगत 24 घंटे में बदरहुआं नाले पर नदी के जलस्तर में 10 सेमी और डिघिया नाले पर 13 सेमी बढ़ोतरी दर्ज हुई। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही सहबदिया और महुला में कृषि योग्य भूमि का कटान तेज हो गया है।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल से होकर बहने वाली घाघरा धीरे-धीरे उग्र रूप अख्तियार करती जा रही है। मंगलवार की शाम को नदी का जलस्तर स्थिर पाया गया। वहीं, बुधवार को इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई। बदरहुंआ नाले पर मंगलवार को जो गेज 71.17 मीटर मापा गया था, वह बुधवार को 71.27 मीटर मापा गया।
इस प्रकार, यहां पर 24 घंटे में 10 सेमी की बढ़ोतरी देखने को मिली। डिघिया नाले पर मंगलवार को जो जलस्तर 70.33 मापा गया था, वह बुधवार को बढ़कर 70.46 मीटर हो गया। इस प्रकार, इसमें 13 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जलस्तर बढ़ने के साथ ही ग्रामीणों की बेचैनी भी बढ़ गई है। वहीं, सहबदिया और महुला क्षेत्र में नदी कृषि योग्य भूमि को अपना निशाना बनाए हुए हैं। इस क्षेत्र में तेजी से कटान किया जा रहा है।
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कृषि योग्य भूमि कटने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं लेकिन महुला-गढ़वल बांध के सीडीआर रिंग बांध की मरम्मत का कार्य पूरा हो जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। लगभग 56 दिन हुए कार्य के बाद रिंग बांध अब सुरक्षित है।
अधीक्षण अभियंता अवधराज यादव ने बुधवार को हो रहे कार्य का निरीक्षण किया। कहा कि किसी भी हाल में महुला-गढ़वल बांध पर घाघरा की कटान अब नहीं हो पाएगी। बांध अब पूर्ण रूप से सुरक्षित कर लिया गया है।
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सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल से होकर बहने वाली घाघरा धीरे-धीरे उग्र रूप अख्तियार करती जा रही है। मंगलवार की शाम को नदी का जलस्तर स्थिर पाया गया। वहीं, बुधवार को इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई। बदरहुंआ नाले पर मंगलवार को जो गेज 71.17 मीटर मापा गया था, वह बुधवार को 71.27 मीटर मापा गया।
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इस प्रकार, यहां पर 24 घंटे में 10 सेमी की बढ़ोतरी देखने को मिली। डिघिया नाले पर मंगलवार को जो जलस्तर 70.33 मापा गया था, वह बुधवार को बढ़कर 70.46 मीटर हो गया। इस प्रकार, इसमें 13 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जलस्तर बढ़ने के साथ ही ग्रामीणों की बेचैनी भी बढ़ गई है। वहीं, सहबदिया और महुला क्षेत्र में नदी कृषि योग्य भूमि को अपना निशाना बनाए हुए हैं। इस क्षेत्र में तेजी से कटान किया जा रहा है।
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कृषि योग्य भूमि कटने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं लेकिन महुला-गढ़वल बांध के सीडीआर रिंग बांध की मरम्मत का कार्य पूरा हो जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। लगभग 56 दिन हुए कार्य के बाद रिंग बांध अब सुरक्षित है।
अधीक्षण अभियंता अवधराज यादव ने बुधवार को हो रहे कार्य का निरीक्षण किया। कहा कि किसी भी हाल में महुला-गढ़वल बांध पर घाघरा की कटान अब नहीं हो पाएगी। बांध अब पूर्ण रूप से सुरक्षित कर लिया गया है।