अहरौला। क्षेत्र में दो दिनों से हुई बारिश से नदी, नाले उफान पर हैं। गांव से लेकर शहर तक कई मोहल्ले डूबे हुए हैं। दुर्वासा धाम स्थित तमसा उफान पर है। तमसा नदी पर बना पुल पूरी तरह से डूब चुका है जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
दूर दराज से शव दाह के लिए आने वाले लोगों को श्मशान घाट तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तमसा-मंजूषा संगम पर बने पुल पर लगभग तीन फुट पानी लगा हुआ है। जिसके बीच से होकर लोग पुल पार कर रहे हैं। दुर्वासा धाम स्थित शिवमंदिर के गर्भ गृह तक पानी पहुंच गया है। घाट पूरी तरह से जलमग्न है। दुर्वासा धाम मंदिर के पुजारी श्री राम गिरी, गोस्वामी समाज के अध्यक्ष प्रेम गिरी, दुर्वासा दत्तात्रेय चंद्रमा मुनि संघर्ष समिति के बलराम तिवारी और दुर्वासा के पूर्व प्रधान राम कमल तिवारी आदि लोगों ने बताया कि छह साल पहले ऐसी स्थिति हुई थी या तो फिर 2005 में पुल पर लगभग डेढ़ फीट ऊपर से पानी बह रहा था। इस बार अभी लगभग पुल पर तीन फीट पानी बह रहा है, लोगों को आवागमन में समस्या हो रही है। फिर भी लोग शव दाह करने के लिए पुल से गुजर रहे हैं। जबकि सबसे बड़ा खतरा पुल के दोनों किनारे पर है जहां कटान होने से दुर्घटना भी होने का खतरा बना हुआ है। लोगों ने बताया कि यहां प्रशासन की तरफ से या फूलपुर कोतवाली की तरफ से कोई सुरक्षा की व्यवस्था नहीं की गई है।