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Azamgarh News: चार बार सांसद, पांच बार विधायक बनने के बाद रमाकांत बने गैंगस्टर

Tue, 03 Dec 2024 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 03 Dec 2024 12:09 AM IST
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After becoming MP four times and MLA five times, Ramakant became a gangster
आजमगढ़। जहरीली शराब कांड के आरोपी सपा के फूलपुर पवई विधायक की राजनीतिक में अच्छी धमक है। वह आजमगढ़ से चार बार सांसद रहे हैं और फूलपुर-पवई विधानसभा से पांचवीं बार विधायक हैं। विधायक चुने जाने के बाद माहुल में हुए जहरीली शराब कांड ने उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। लगभग दो साल से भी अधिक समय से वह जेल की सलाखों में हैं। अब उन्हें गैंग सरगना के रूप में भी पंजीकृत किया गया है।
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फूलपुर के अंबारी निवासी रमाकांत यादव ने 1995 में राजनीति में कदम रखा। फूलपुर-पवई विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरे और विधायक बने। इसके बाद वह तीन बार और विधायक चुने गए। 1996 के लोकसभा चुनाव में आजमगढ़ से चुनाव मैदान में उतरे और सांसद बने। चार बार सांसद बनने के बाद जब भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो वह कांग्रेस में शामिल हो गए। फिर सपा में शामिल होकर फूलपुर-पवई विधानसभा से 2022 में चुनाव मैदान में उतरे और विधायक बने। विधायक बनने के कुछ दिन बाद ही लोकसभा चुनाव के दौरान बसपा प्रत्याशी रहे अकबर अहमद डंपी से हुई मारपीट मामले में उन्हें जेल भेज दिया। इसके बाद माहुल में हुई जहरीली शराब कांड में भी उनका नाम सामने आया। तभी से वह आज तक जेल में ही हैं। वहीं अब एडीजी वाराणसी जोन ने जेल में बंद सपा विधायक रमाकांत यादव और उनसे जुड़े 15 सदस्यों को हत्या, मिलावटी शराब बनाकर लाइसेंसी देशी शराब की दुकान पर बेचने जैसे जघन्य अपराध में आईआर-42 गैंग के रूप में सूचीबद्ध किया है। सपा विधायक जुलाई 2022 से जेल में बंद हैं।
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अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया ने 30 नवंबर को रमाकांत को सूचीबद्ध करते हुए लिखित आदेश जारी किया है। इसमें लिखा गया है कि 60 वर्षीय रमाकांत गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर आपराधिक गतिविधियों से अधिक धन कमाने के उद्देश्य से आजमगढ़, जौनपुर और लखनऊ में हत्या, मिलावटी देशी शराब बनाकर लाइसेंसी दुकान पर बेचने आदि जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम देता है। इनकी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आईआर स्तर पर सूचीबद्ध किया गया है. इसका कोड नंबर आईआर 42 होगा, इसके सदस्य 15 है।
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गैंग के सदस्य

गैंग के सदस्यों में रंगेश यादव के ठेके से जहरीली शराब की बिक्री हुई थी। रंगेश यादव जौनपुर का रहने वाला है. सूर्यभान दीदारगंज थाना क्षेत्र का, पुनीत कुमार यादव दीदारगंज, रामभोज अहरौला, अशोक यादव फूलपुर, मोहम्मद फहीम अहरौला थाना क्षेत्र का रहने वाला है। इसके अलावा पंकज यादव दीदारगंज, मोहम्मद नदीम अहरौला, मोहम्मद कलीम अहरौला, मोहम्मद सलीम, अहरौला, शाहबाज अहरौला, नसीम नेता उर्फ नसीम रुपाईपुर अहरौला, रवि कुमार क्षत्रिय उर्फ राजकुमार वाराणसी काशीपुर का जबकि जोयन्ता कुमार मिश्रा पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले का रहने वाला है।


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रमाकांत पर हत्या और मिलावटी शराब बनाने और आपूर्ति का आरोप है। इस वजह से उनके गैंग को सूचीबद्ध किया गया है। गैंग को आईआर- 42 कोड मिला है। इसमें रमाकांत के अलावा इसमें 15 सदस्य और हैं। रमाकांत यादव अभी जेल में हैं। सभी पर गैंगस्टर एक्ट के साथ कार्रवाई की जा रही है। गैंग पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

- हेमराज मीणा, एसपी
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