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रिंगबांध टूटने की सूचना पर प्रशासन को छूटे पसीने

Tue, 31 Aug 2021 10:35 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 31 Aug 2021 10:35 PM IST
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Administration lost sweat on the information of ring dam breaking
देवारा क्षेत्र के गांगेपुर रिंग बांध में पड़ी दरार को बंद करने में जुटे श्रमिक। - फोटो : AZAMGARH
लाटघाट। मंगलवार की सुबह गांगेपुर रिंगबांध में दरार पड़ गई। इसकी सूचना अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार ने पुलिस अधीक्षक को दी। पुलिस सात बजे तक मौके पर पहुंची। बाढ़ खंड विभाग द्वारा ट्राली लगाकर बोल्डर गिर गया जिससे कटान पर काबू पाया जा सके। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार बंधा कटा तो करीब 400 परिवार के बह जाने का डर है।
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सुबह इसकी सूचना मिलते ही एसडीएम बूढ़नपुर अरविंद सिंह, एडीएम गुरु प्रसाद गुप्ता, एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ, तहसीलदार रामानुज शुक्ला, बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता भानु प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार, सहायक अभियंता धनंजय यादव, अवर अभियंता के साथ मौके पर पहुंचे। एडीएम प्रसाद गुरु प्रसाद ने कहा कि किसी भी कीमत पर बंधा कटने नहीं दिया जाएगा। बाढ़ खंड विभाग लगा हुआ है। अधीक्षण अभियंता भानु प्रताप सिंह ने कहा कि घाघरा का जलस्तर घटने बढ़ने से स्थिति यह पैदा हुई है। कटान पर पूर्ण रूप से काबू पा लिया गया है। बंधा पूर्ण रूप से सुरक्षित है, हमारे लोग अनवरत लगे हुए हैं। अधिकारी कुछ भी कहें लेकिन बाढ़ विकराल होती जा रही है। गांवों में पानी भरता जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों तक मदद नहीं पहुंच पा रही है। ग्रामीण किसी तरह आवागमन कर रहे हैं। वहीं मवेशी चारे के अभाव में भूखे रह रहे हैं। नदी खतरे के निशान से बदरहुंआं पर 47 सेमी ऊपर पहुंच गई है। 175000 कतरैनिया और 91000 क्यूसेक बनबसा बैराज से पानी डिस्चार्ज किया गया। घाघरा का जलस्तर बढ़ने से 25 गांवों की 50000 की आबादी प्रभावित है। वहीं नायब तहसीलदार मयंक मिश्रा ने बताया कि 16 गांव प्रभावित हैं। जिनमें 53 नाव लगाई गई है।
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राजस्वकर्मियों की टीम को किया अलर्ट
लाटघाट। सगड़ी तहसील क्षेत्र में उफनाई सरयू नदी से गांवों में पानी भरने लगा है। नदी का जलस्तर प्रति घंटे आधा सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा है। गांवों में बाढ़ का पानी बुरी तरह से भर गया है। गांवों की सड़कें भी जलमग्न हो गई हैं। प्रशासन की ओर से गांव के लोगों को बाहर निकालने के लिए 53 नाव लगाई गई है। लेकिन गांव में बाढ़ के बीच बंधे मवेशी भूख से बिलबिला रहे हैं। लेकिन जिला और तहसील प्रशासन की ओर से ग्रामीणों के साथ मवेशियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। तीन दिनों से गांवों में पानी भरा होने के बाद भी अभी तक बाढ़ पीड़ितों को दवा का वितरण नहीं किया गया। दूषित पानी पीने को ग्रामीण मजबूर हैं।
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प्राइमरी और जूनियर विद्यालय प्रभावित
लाटघाट। बाढ़ के चलते सगड़ी तहसील के 20 प्राइमरी और जूनियर स्कूल प्रभावित हो रहे हैं। तहसील क्षेत्र के देवारा खास राजा, चक्की हाजीपुर, बांका बूढ़नपट्टी, साहडीह, सोनौरा, अभ्भनपट्टी, आराजी अजगरा मगरवी, अजगरा मगर्वी, अजगरा मसर्की, भदौरा तरोशनगंज इन ग्राम पंचायतों में संपर्क मार्ग पर भी पानी भरने लगा है। जिससे लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।

25 सेमी और बढ़ा जलस्तर तो होगा पलायन
लाटघाट। सगड़ी तहसील में बहने वाली घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे 25 सेमी और ऊपर बढ़ी तो हैदराबाद, कुड़ही, शिवपुर, औघड़गंज, इस्माइलपुर, रोशनगंज में सैकड़ों लोगों को विस्थापित होना पड़ेगा। महाराजगंज विकासखंड के सेमरी गांव के दर्जनों लोगों ने पानी भरने के कारण घर छोड़कर बंधे पर आ गए हैं। श्री कृष्ण, पराग, शीला, रामधनी, शंकर, टूअर, लहुरी, सुभाष के घरों में पानी घुस गया है।
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